Panchang 15 October 2026: नवरात्रि के पांचवें दिन आज मां स्कंदमाता की पूजा होगी. 15 अक्टूबर 2026, गुरुवार को ललिता पंचमी भी है. दिल्ली-NCR में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा. सुबह पूजा नहीं कर पाए तो शाम को भी आराधना कर सकते हैं. पंचमी 16 अक्टूबर की सुबह 3:25 बजे तक रहेगी.
आज स्कंदमाता की आराधना और देवी ललिता का व्रत एक ही दिन हैं. दोनों की पूजा अपने घर की परंपरा के अनुसार करें. नया शुभ काम शुरू करने की योजना हो तो दोपहर 1:33 से 2:59 बजे तक के राहुकाल का समय भी देख लें.
आज का पंचांग एक नजर में
वार- गुरुवार
मास और पक्ष- आश्विन, शुक्ल पक्ष
तिथि- पंचमी, 16 अक्टूबर की सुबह 3:25 बजे तक
नक्षत्र- ज्येष्ठा, पूरी रात
योग- सौभाग्य, रात 9:15 बजे तक. फिर शोभन
चंद्र राशि- वृश्चिक
सूर्योदय- सुबह 6:22 बजे
सूर्यास्त- शाम 5:52 बजे
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:44-दोपहर 12:30 बजे
राहुकाल- दोपहर 1:33-2:59 बजे
सुबह पूजा नहीं कर पाए तो शाम को क्या करें?
शाम को मां स्कंदमाता का ध्यान, पाठ और आरती कर सकते हैं. आज सूर्यास्त शाम 5:52 बजे होगा. उस समय पंचमी ही रहेगी. रात में भी तिथि नहीं बदलेगी. षष्ठी अगले दिन तड़के शुरू होगी.
इसलिए ऑफिस, पढ़ाई या घर के काम के कारण सुबह समय कम मिले तो संक्षिप्त पूजा कर लें. शाम को सुविधा के अनुसार पाठ और आरती करें. यह नियमित नवरात्रि पूजा की बात है. कोई नया विशेष अनुष्ठान शुरू करना हो तो उसकी विधि और मुहूर्त अलग देखें.
मां स्कंदमाता की गोद में बाल कार्तिकेय विराजते हैं. कार्तिकेय को स्कंद भी कहा जाता है, इसलिए देवी का यह स्वरूप स्कंदमाता कहलाता है. उनकी पूजा में लाल फूल अर्पित किए जाते हैं. दीप जलाकर ॐ देवी स्कन्दमात्रे नमः मंत्र का जप करें और अपनी परंपरा के अनुसार भोग लगाएं.
पंचमी कल सुबह तक है, फिर ललिता पंचमी आज क्यों?
पर्व की तारीख केवल तिथि समाप्त होने वाले दिन से तय नहीं होती. ललिता पंचमी के निर्णय में दोपहर के समय पंचमी का होना देखा जाता है. आज सूर्योदय और दोपहर, दोनों समय पंचमी रहेगी. कल सूर्योदय से पहले ही यह समाप्त हो जाएगी. इसलिए व्रत 15 अक्टूबर को रखा जाएगा.
ललिता पंचमी को उपांग ललिता व्रत भी कहते हैं. यह देवी ललिता त्रिपुरसुंदरी की आराधना का दिन है. इसकी परंपरा गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अधिक प्रचलित है.
स्कंदमाता की पूजा नवरात्रि के पांचवें दिन की आराधना है. उपांग ललिता व्रत की अपनी विधि है. घर में जो परंपरा चली आ रही है, उसी के अनुसार पूजा करें. दोनों नाम पंचांग में होने से नवरात्रि की चल रही पूजा बदलने की जरूरत नहीं है.
आज शुभ काम कब करें?
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:30 बजे तक है. यह अवधि नीचे दिए गए राहुकाल, यमगण्ड, गुलिक और दुर्मुहूर्त से अलग है. सामान्य शुभ कार्य का समय चुनते हुए इसे देख सकते हैं.
लेकिन अभिजीत मुहूर्त को हर खरीदारी या संस्कार का तैयार मुहूर्त न मानें. उदाहरण के लिए, Panchang की दिल्ली-NCR सूची में 15 अक्टूबर को वाहन खरीद का शुभ मुहूर्त नहीं है, क्योंकि उसके लिए उपयुक्त नक्षत्र उपलब्ध नहीं है. पूजा का समय और वाहन खरीद का मुहूर्त अलग-अलग निर्णय हैं.
आज का राहुकाल और दूसरे अशुभ समय
राहुकाल- दोपहर 1:33-2:59 बजे
यमगण्ड- सुबह 6:22-7:48 बजे
गुलिक काल- सुबह 9:14-10:40 बजे
दुष्टमुहूर्त- सुबह- 10:12-10:58 बजे
दूसरा दुष्टमुहूर्त- दोपहर 2:48-3:34 बजे
मुहूर्त परंपरा में इन अवधियों के दौरान नए शुभ कार्य की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है. नियमित पूजा और पहले से चल रहे पाठ को इसके कारण रोकने की जरूरत नहीं है.
आज कब बदलेगा पंचांग?
– दोपहर 2:16 बजे: बव के बाद बालव करण शुरू होगा.
– रात 9:15 बजे: सौभाग्य योग समाप्त होकर शोभन योग आएगा.
– 16 अक्टूबर, सुबह 3:25 बजे: पंचमी समाप्त होगी. षष्ठी तिथि और कौलव करण शुरू होंगे.
ज्येष्ठा नक्षत्र के सामने पूरी रात लिखा होने का मतलब तिथि का भी पूरी रात एक जैसा रहना नहीं है. पंचांग के हर अंग का समय अलग होता है.
आज का बाकी पंचांग
पूर्णिमांत और अमांत, दोनों पद्धतियों में आश्विन मास है. विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 चल रहा है. सूर्य कन्या राशि में हैं. चंद्रमा आज वृश्चिक राशि में रहेंगे.
दिल्ली-NCR की पंचांग गणना के अनुसार चंद्रोदय सुबह 10:41 बजे और चंद्रास्त रात 8:49 बजे होगा. ऋतु शरद, अयन दक्षिणायन और दिशाशूल दक्षिण दिशा में है.
आज की 3 जरूरी बातें
1. मां स्कंदमाता की पूजा और ललिता पंचमी आज ही हैं.
2. शाम की पूजा के समय पंचमी रहेगी. तिथि कल सूर्योदय से पहले समाप्त होगी.
3. अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध है, लेकिन खरीदारी और संस्कारों के लिए अलग मुहूर्त देखें.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
