What Is Air New Zealand Skynest: लंबी दूरी की फ्लाइट्स को लेकर एक बड़ा बदलाव आने वाला है. एयर न्यूजीलैंड ने अपने इकोनॉमी स्काईनेस्ट का एलान किया है, जो आने वाले समय में लंबी हवाई यात्राओं का अनुभव पूरी तरह बदल सकता है. एयरलाइन के प्रेस रिलीज के अनुसार, यह एक बंक बेड स्टाइल स्लीपिंग सिस्टम है, जिसे खास तौर पर इकॉनमी और प्रीमियम इकॉनमी क्लास के यात्रियों के लिए तैयार किया गया है, खासकर उन फ्लाइट्स के लिए जो 16 से 18 घंटे या उससे ज्यादा लंबी होती हैं.
कब शुरू होगी बुकिंग?
एयरलाइन ने बताया है कि स्काईनेस्ट की बुकिंग 18 मई 2026 से शुरू होगी और यह सुविधा नवंबर 2026 से उनकी नई Boeing 787-9 Dreamliner फ्लाइट्स में उपलब्ध होगी. यह दुनिया में अपनी तरह का पहला ऐसा कॉन्सेप्ट है, जिसे कई सालों की रिसर्च और टेस्टिंग के बाद तैयार किया गया है.
क्या होगी सुविधा?
Skynest के तहत विमान में कुल छह स्लीपिंग पॉड्स होंगे. ये छोटे-छोटे बंक बेड की तरह होंगे, जहां यात्री पूरी तरह लेटकर आराम कर सकेंगे, जो कि आमतौर पर इकॉनमी सीट्स में संभव नहीं होता. हर पॉड की लंबाई लगभग 6.6 फीट (करीब 203 सेमी) और चौड़ाई करीब 64 सेमी होगी, ताकि सीमित जगह में भी आरामदायक नींद मिल सके. यात्रियों को इसमें ताजा बिस्तर दिया जाएगा, जिसमें तकिया, चादर और कंबल शामिल होंगे. इसके अलावा एक छोटा अमेनिटी किट भी मिलेगा, जिसमें आई मास्क, मोजे और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स होंगे. हर पॉड में प्राइवेसी के लिए पर्दे, पढ़ने के लिए लाइट, वेंटिलेशन, यूएसबी चार्जिंग पोर्ट, सीट बेल्ट और ईयरप्लग जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी.
टिकट का दाम कितना होगा?
हालांकि यह सुविधा टिकट के बेस प्राइस में शामिल नहीं होगी. इसे इस्तेमाल करने के लिए यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क देना होगा. जानकारी के मुताबिक, एक यात्री चार घंटे के लिए करीब लगभग 28,000 में बुक कर सकता है. हर यात्री को एक ही सेशन बुक करने की अनुमति होगी और एक फ्लाइट में दो सेशन उपलब्ध होंगे, यानी कुल मिलाकर 12 यात्री इस सुविधा का फायदा उठा सकेंगे.
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क्या है रूल इसके लिए?
एयरलाइन ने इसके लिए कुछ नियम भी तय किए हैं, जैसे पॉड के अंदर खाना खाने की अनुमति नहीं होगी और एक पॉड में दो लोग साथ नहीं रह सकते. हालांकि खर्राटे लेने पर कोई रोक नहीं है. यह सुविधा सबसे पहले उन रूट्स पर शुरू की जाएगी जो दुनिया की सबसे लंबी फ्लाइट्स में गिने जाते हैं, जैसे ऑकलैंड से न्यूयॉर्क का रूट, जो करीब 17–18 घंटे का होता है. एयरलाइन के सीईओ निखिल रविशंक के अनुसार, यह पहल यात्रियों को लंबी उड़ानों में बेहतर आराम देने के लिए की गई है, जिससे यात्रा ज्यादा सहज और सुविधाजनक बन सके.
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