राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही बारिश ने एक ओर जहां मौसम को सुहावना बना दिया, वहीं दूसरी ओर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को भी प्रभावित किया है. जुलाई के शुरुआती दिनों में सामान्य से कहीं अधिक बारिश दर्ज की गई है.
बारिश की वजह से दिल्ली की हवा पिछले 10 महीनों में सबसे साफ दर्ज की गई है. हालांकि, सड़कों पर जलभराव और लंबा ट्रैफिक जाम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनकर सामने आया.
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बारिश से धुली हवा, 10 महीने का सबसे कम AQI
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, एक से आठ जुलाई की सुबह तक रिज मौसम केंद्र में 79.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत केवल 31.2 मिमी है. लगातार हुई बारिश ने वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषण के कणों को काफी हद तक साफ कर दिया. यही वजह रही कि राजधानी का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 59 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है.
यह बीते 10 महीनों का सबसे साफ वायु स्तर है. इससे पहले 4 सितंबर 2025 को AQI 58 दर्ज किया गया था. साफ हवा ने लोगों को उमस और प्रदूषण से कुछ राहत जरूर दी, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी मरीजों के लिए यह मौसम राहत भरा महसूस हो रहा है.
जलभराव और जाम से थमी राजधानी की रफ्तार
हालांकि बारिश से राजधानी की सड़कें लबालब हो गईं. कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. रोहतक रोड पर पंजाबी बाग और शादीपुर के बीच घंटों लंबा जाम लगा रहा. आईटीओ, धौला कुआं, महिपालपुर, राजोकरी, आश्रम, मथुरा रोड, दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, जखीरा फ्लाईओवर, मोती नगर, पटेल नगर, नारायणा, एम्स, साउथ एक्सटेंशन, लाजपत नगर, मूलचंद, आजादपुर, मुकरबा चौक और दिल्ली-नोएडा लिंक रोड पर भी वाहनों की रफ्तार धीमी रही.
कम दृश्यता और सड़क पर भरे पानी के चलते लोगों को ऑफिस और अन्य जगहों तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई. दिल्ली के विभिन्न इलाकों में अलग-अलग मात्रा में बारिश दर्ज की गई. नजफगढ़ में सबसे अधिक 85.5 मिमी, जबकि रिज क्षेत्र में 54.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई. दिनभर में नगर निकायों को जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने जैसी कम से कम 10 शिकायतें मिलीं.
क्या है दिल्ली रिज क्षेत्र?
दिल्ली रिज (Delhi Ridge) दिल्ली का एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक क्षेत्र है, जो अरावली पर्वतमाला (Aravalli Range) का उत्तरी विस्तार है. इसे दिल्ली के “हरे फेफड़ों (Green Lungs) के नाम से भी जाना जाता है. लगभग 35 किलोमीटर लंबा यह इलाका, दक्षिण-पूर्व में तुगलकाबाद (भट्टी खदान के पास) से शुरू होकर उत्तर में वजीराबाद (यमुना नदी के किनारे) तक फैला हुआ है. कुल क्षेत्रफल करीब 7,784 हेक्टेयर (दिल्ली का लगभग 5-6% क्षेत्र) है.
येलो अलर्ट जारी, आज भी बारिश के आसार
मौसम विभाग ने आज गुरुवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार, दिनभर बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
बारिश ने दिल्ली की हवा को लंबे समय बाद साफ और सांस लेने लायक जरूर बना दिया है, लेकिन अब चुनौती यह है कि जलनिकासी और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाकर लोगों को बारिश की दोहरी मार से बचाया जाए.
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