उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र के दलसराय ग्राम स्थित ओम साईं फिलिंग स्टेशन पर हुई बड़ी चोरी की घटना का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है. इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरी करने वाला कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि पेट्रोल पंप पर काम करने वाला कर्मचारी ही निकला. पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान मोनू विश्वकर्मा के रूप में हुई है, जो उसी पेट्रोल पंप पर गाड़ियों में हवा भरने का काम करता था.
घटना 13 अप्रैल 2026 की रात करीब 12:30 बजे से 1:00 बजे के बीच की बताई जा रही है. उस रात आरोपी ने मौके का फायदा उठाते हुए पंप में रखी लोहे की तिजोरी को निशाना बनाया और उसमें रखे कुल 9 लाख 11 हजार 180 रुपये चोरी कर लिए.
सीसीटीवी में दिखीं संदिग्ध गतिविधियां
घटना के बाद पेट्रोल पंप संचालक द्वारा पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद थाना रामनगर पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की. जांच के दौरान पुलिस को मोनू विश्वकर्मा की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी की गई पूरी रकम, यानी 9 लाख 11 हजार 180 रुपये और लोहे की तिजोरी भी बरामद कर ली.
एसपी की सख्ती हुआ खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी, विकास चन्द्र त्रिपाठी द्वारा किया गया. उन्होंने बताया कि पुलिस टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते इतनी बड़ी चोरी का खुलासा संभव हो पाया है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के मामलों में अंदरूनी लोगों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए जांच में हर पहलू को ध्यान में रखा जाता है. फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कभी-कभी भरोसे के दायरे में ही सबसे बड़ा धोखा छिपा होता है. वहीं पुलिस की सक्रियता ने यह भी दिखा दिया कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता.
