गुरुग्राम पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को सस्ते दाम में सोने के सिक्के देने का लालच देकर करोड़ों की ठगी करता था. इस गिरोह का तरीका बेहद चालाकी भरा था, पहले असली सोने के सिक्के दिखाकर भरोसा जीतना और फिर मौका मिलते ही नकली यानी पीतल के सिक्के थमा कर फरार हो जाना. क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से भारी मात्रा में नकदी और सोना भी बरामद किया गया है.
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए गुरुग्राम पुलिस के डीसीपी क्राइम हितेश यादव ने बताया कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था. आरोपी खुद को गरीब मजदूर बताकर लोगों के पास जाते थे और कहते थे कि खुदाई के दौरान उन्हें कुछ पुराने सिक्के मिले हैं. वे सामने वाले को असली सोने-चांदी के सिक्के दिखाते और उनसे उन सिक्कों की जांच कराने को कहते.
जब जांच में सिक्के असली निकलते तो शिकार को भरोसा हो जाता. इसके बाद आरोपी कम कीमत में ज्यादा सोना देने का लालच देते और सौदा तय कर लेते. लेकिन असली डील के समय वे सोने की जगह पीतल या तांबे पर सोने का पानी चढ़े नकली सिक्के पकड़ा देते और मौके से फरार हो जाते.
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व्यापारी से 2.49 करोड़ रुपये और 50 तोला सोना ठगाइस गिरोह ने गुरुग्राम के एक इंपोर्ट-एक्सपोर्ट कारोबारी को भी अपना शिकार बनाया. आरोपी ने पहले असली सोने की ईंट दिखाकर भरोसा जीता और फिर नकली सोने की ईंट देकर करीब 2.49 करोड़ रुपये नकद और लगभग 50 तोला सोना ठग लिया. जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तो उसने सुशांत लोक थाने में शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की और कई जगहों पर छापेमारी की. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की.
चुनाव प्रचार के दौरान दबोचा गया मुख्य आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह का मुख्य सरगना गुजरात के वडोदरा का रहने वाला है और उसने चार शादियां कर रखी हैं. इतना ही नहीं, उसने अपनी पत्नी का नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन भी भरवाया हुआ था.
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपनी पत्नी के चुनाव प्रचार में शामिल होकर भीड़ में घूम रहा है. इसके बाद पुलिस ने रणनीति बनाते हुए उसे चुपचाप कस्टडी में लिया और गुरुग्राम ले आई. इस ऑपरेशन में पुलिस ने बेहद सतर्कता बरती ताकि आरोपी को भनक न लगे.
फिल्मी दुनिया से भी जुड़ा ठगी का कनेक्शन
पूछताछ के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी पहले भी कई हाई-प्रोफाइल लोगों को ठग चुका है. करीब 15 साल पहले उसने बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली से करीब 25 लाख रुपये ठगे थे. इसके अलावा वह अभिनेता सलमान खान के पिता सलीम खान के पीए को भी करीब 20 लाख रुपये का चूना लगा चुका है.
इतना ही नहीं, आरोपी ने ठगी के पैसों से लव यू नाम की एक गुजराती फिल्म भी बनाई है और दिल्ली-मुंबई रोड पर एक होटल भी खरीद रखा है.
25 साल से चला रहा था ठगी का नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक, गिरोह का सरगना पिछले करीब 25 सालों से ठगी के धंधे में सक्रिय है. उसकी ज्यादातर वारदातें मुंबई और गुजरात में सामने आई हैं. आरोपी ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है, लेकिन लोगों को अपने झांसे में लेने में बेहद माहिर है.
गिरोह के सदस्य आमतौर पर अनपढ़ होते हैं और गरीब मजदूर का भेष बनाकर घूमते हैं. वे अपने साथ कुछ असली सिक्के रखते हैं ताकि लोगों का भरोसा जीत सकें. लालच का ऐसा जाल बुनते हैं कि पढ़े-लिखे लोग भी आसानी से इनके जाल में फंस जाते हैं.
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोलंकी प्रभुभाई गुलशनभाई उर्फ कल्पेश उर्फ रवि (वडोदरा), पंकज शर्मा (दिल्ली), मनीष कमलेश शाह (वडोदरा) और ईश्वर मारवाड़ी (वडोदरा) के रूप में हुई है. इनमें से दो आरोपियों को 12 अप्रैल 2026 को गुरुग्राम से और दो को 15 अप्रैल 2026 को गुजरात से गिरफ्तार किया गया.
पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. साथ ही दो आरोपी राजस्थान की कोटा जेल में बंद हैं, जिन्हें ट्रांजिट रिमांड पर गुरुग्राम लाने की तैयारी की जा रही है.
करोड़ों की नकदी और सोना बरामद
गुरुग्राम पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 करोड़ 30 लाख 5 हजार 700 रुपये नकद और 678 ग्राम सोना बरामद किया है. इसके अलावा सोने के नकली सिक्के और अन्य ज्वेलरी भी पुलिस ने अपने कब्जे में ली है.
मुख्य आरोपी प्रभुभाई के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. महाराष्ट्र में उसके खिलाफ धोखाधड़ी के दो मामले और गुजरात में सात से ज्यादा मामले दर्ज हैं. इससे साफ है कि यह गिरोह लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था.
गुरुग्राम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के लालच में आकर ऐसे सौदे न करें. खासकर जब कोई व्यक्ति सस्ते में सोना या कीमती सामान देने की बात करे, तो सतर्क रहना बेहद जरूरी है.पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में तुरंत शिकायत करें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और ठगी से बचा जा सके.
