पुणे ग्रामीण पुलिस की ओर से केतन अग्रवाल हत्याकांड में कोर्ट में दाखिल की गई 5 हजार से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट में हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने के तरीके को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं. जांच के मुताबिक, आरोपियों ने हत्या को हादसा दिखाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए इंटरनेट, सोशल मीडिया और पॉडकास्ट का सहारा लिया था.
चार्जशीट के अनुसार, आरोपी सिया प्रवीण गोयल (20) और चेतन बाबूलाल चौधरी (22) ने अपने मोबाइल फोन से Google, YouTube और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जहर, हत्या के तरीकों, लोगों को गुमराह करने और डिजिटल सबूत मिटाने से जुड़े कई कीवर्ड सर्च किए थे.
इनमें शामिल हैं;
“Death Cap Mushroom India”
“Who hit Preeti Singh”
“Trek in Summer”
“Women Kills Family by Mushroom”
“Easy way to kill someone”
“Sonam Case”
“Lohagad Fort”
“How to format iPhone No History on calls”
“How to Delete Google Account”
“Trekking Incident”
“How to Manipulate People”
चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों ने “How to Manipulate People” नाम का पॉडकास्ट भी सुना था. इसके बाद पुलिस को गुमराह करने और लोगों को अपने झांसे में लेने के तरीकों को लेकर आपस में चर्चा की गई थी.
रिश्ता तय होने के बाद शुरू हुई हत्या की साजिश
चार्जशीट के अनुसार, 19 फरवरी 2026 को 26 साल के केतन विशाल अग्रवाल, निवासी गहुंजे, मावल और सिया गोयल की सगाई हुई थी. हालांकि, सिया इस रिश्ते से खुश नहीं थी. उसके चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध थे. इसके बाद केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई.
पहली कोशिश: कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का प्लान- पुलिस के मुताबिक, सिया, चेतन और उनके दोस्त रितेश संजय हांगे (23) ने मिलकर केतन की हत्या की योजना बनाई थी.
5 मई 2026 को चेतन और रितेश ने बेंगलुरु से कथित तौर पर शूटर हायर करने के लिए शर्व अंकुश घोलप से संपर्क किया था. हालांकि, शर्व ने इसके लिए इनकार कर दिया और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की यह योजना सफल नहीं हो सकी.
लोहगढ़ किले की रेकी और बाली ट्रिप रद्द कराने की साजिश
चार्जशीट के मुताबिक, 28 और 29 मई 2026 को आरोपियों ने लोहगढ़ किले की रेकी की और वारदात के लिए जगह तय की. इसके बाद 6 जून 2026 को केतन और सिया का इंडोनेशिया के बाली में प्री-वेडिंग शूट तय था. आरोप है कि सिया ने खालापुर के एक फूड प्लाजा के वॉशरूम में जाकर केतन का पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज फाड़ दिए, जिससे बाली की यात्रा रद्द हो गई.
18 जून को लोहगढ़ किले पर केतन की हत्या
पुलिस के मुताबिक, 18 जून 2026 को सिया ने केतन को अपने दोस्तों के साथ लोहगढ़ पर ट्रेकिंग के बहाने बुलाया. सुबह करीब 9 बजे सभी किले के पास पहुंचे. चार्जशीट के अनुसार, लोहगढ़ किले के पश्चिमी हिस्से की चट्टान के पास जब केतन नीचे की तरफ देख रहा था, तभी चेतन पीछे से आया और उसने केतन को धक्का दे दिया. इसके बाद सिया ने भी कथित तौर पर केतन को जोर से लात मारी. केतन गहरी खाई में गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
हत्या के बाद सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
फर्जी Instagram अकाउंट: आरोपियों ने कथित तौर पर कमलेश चौधरी से एक फर्जी Instagram अकाउंट लिया और उसका नाम व पासवर्ड बदल दिया. इस अकाउंट के जरिए सिया की दोस्त बनकर केतन से चैट की गई, ताकि जांच को रिश्ते में किसी तीसरे व्यक्ति की मौजूदगी की ओर मोड़ा जा सके. वारदात के बाद वडगांव-तलेगांव फाटा के पास चाय पीते समय इस अकाउंट को डिलीट कर दिया गया.
मोबाइल लोकेशन छिपाने की कोशिश: चार्जशीट के मुताबिक, चेतन ने अपनी मोबाइल लोकेशन छिपाने के लिए अपने कर्मचारी नीरजकुमार सरोज के मोबाइल का इस्तेमाल किया था.
डिजिटल सबूत डिलीट किए: पुलिस के अनुसार, रितेश हांगे के सुझाव पर सिया, चेतन और रितेश ने अपने मोबाइल फोन से Google और YouTube की सर्च हिस्ट्री, iCloud डेटा, WhatsApp चैट, कॉल लॉग और फोटो डिलीट कर दिए.
हादसा बताने की कोशिश: सिया ने पुलिस और परिवार के सामने यह बताने की कोशिश की कि केतन का पैर फिसलने की वजह से वह खाई में गिरा और उसकी मौत हुई.
तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
पुणे ग्रामीण पुलिस ने सिया प्रवीण गोयल, चेतन बाबूलाल चौधरी और रितेश संजय हांगे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 103(1), 61(2), 238 और 3(5) तथा IT Act 2000 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की है.
NDA में जाने की अटकलों पर शरद पवार का बड़ा बयान, ‘हां, मेरे बारे में…’
