कश्मीर में एक वीडियो सामने आने के बाद Gen-Z को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. वीडियो में एक महिला सेना के वाहनों को आगे बढ़ने से रोक रहे जवानों से बहस करती नजर आ रही है. इसी मामले को लेकर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने Gen-Z के व्यवहार पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि अपनी बात मनवाने के लिए Gen-Z का नाम लेना अब एक अलग तरह के रवैये में बदलता जा रहा है.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “हम Gen Z हैं कहना अब ‘जानते नहीं हो मेरे बाप कौन हैं’ कहने जैसा नया रवैया बन गया है. Gen Z के प्रति बनी अच्छी छवि को खराब करने का सबसे तेज तरीका है कि जरा सी भी ठेस पहुँचने पर इसे धमकी की तरह इस्तेमाल किया जाए.”
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर सामने आए उस वीडियो के बाद आया, जिसमें एक महिला सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवानों से बहस करती दिखाई दे रही है.
This “we are Gen Z” has become the new “jaantay nahin ho mera baap kaun hai”. The quickest way to erode any Gen Z goodwill is to start using it as a threat at the slightest perceived affront. https://t.co/ya5OJTgxIn
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) August 19, 2026
सेना के वाहनों को रोकने पर बहस
वीडियो में महिला सेना के वाहनों को आगे बढ़ने से रोक रहे जवानों से सवाल करती नजर आ रही है. इस दौरान वहां मौजूद एक पर्यटक को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “या तो सभी को जाने दिया जाए या फिर किसी को भी जाने की अनुमति न दी जाए.”
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वीडियो लद्दाख के मिनिमर्ग इलाके का बताया जा रहा है. महिला का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर लगाए गए प्रतिबंध अब पर्यटकों के लिए भी परेशानी खड़ी कर रहे हैं. वह इसकी तुलना उन दिक्कतों से करती नजर आती है, जिनका सामना कश्मीर के लोग लंबे समय से करते आए हैं.
मिनिमर्ग में क्यों रोका जाता है ट्रैफिक?
मिनिमर्ग लद्दाख की सीमा का आखिरी इलाका है. इसके आगे जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश शुरू होता है. यहां लगाए गए बैरिकेड का इस्तेमाल जोजिला दर्रे के रास्ते यातायात को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है.
हालांकि, वीडियो में जिस समय यातायात रोका गया, उस वक्त इसकी सटीक वजह साफ नहीं हो पाई है. वीडियो में मौसम बादलों से घिरा हुआ दिखाई दे रहा है. जोजिला के आसपास ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम खराब होने की स्थिति में यातायात रोकना सुरक्षा के लिहाज से सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है.
सोशल मीडिया पर सुरक्षा बलों का समर्थन
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सुरक्षा बलों का समर्थन किया. लोगों ने महिला के व्यवहार को अनुचित बताते हुए कहा कि संवेदनशील और जोखिम वाले सीमा क्षेत्रों में जवानों की ओर से लिए गए फैसलों का सम्मान किया जाना चाहिए.
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कई यूजर्स ने महिला के “हम Gen Z हैं” वाले बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. लोगों का कहना था कि सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे जवानों के साथ बहस करने या अपनी उम्र की पहचान को दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल करने के बजाय नियमों का पालन करना चाहिए. खासकर ऐसे इलाकों में जहां मौसम और सुरक्षा दोनों को लेकर परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहती हैं.
