2010 बैच के IAS अधिकारी कुमार राजीव रंजन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. जम्मू-कश्मीर सरकार और राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के बाद अब राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM) ने भी महिला जूनियर अधिकारी के साथ बदसलूकी और डराने-धमकाने के मामले में खुद संज्ञान लिया है. आयोग ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने और 15 दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने को कहा है.
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने मीडिया रिपोर्टों और वायरल वीडियो फुटेज के आधार पर यह कदम उठाया है. वीडियो में श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव कुमार राजीव रंजन को गांदरबल की सहायक निदेशक (रोजगार) और JKAS अधिकारी बीनीश वानी के साथ कथित तौर पर बदसलूकी करते देखा जा सकता है.
उमर अब्दुल्ला सरकार को BJP ने घेरा, टूटे वादे और विफल शासन का आरोप
यह घटना 14 अक्टूबर 2026 को मिशन युवा की वर्चुअल समीक्षा बैठक के दौरान हुई थी. आयोग के मुताबिक, शुरुआती तौर पर वीडियो से ऐसा प्रतीत होता है कि अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाली महिला अधिकारी के खिलाफ अभद्र और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया.
15 दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 की धारा 9(1) के तहत कार्रवाई की है. आयोग ने मुख्य सचिव से मामले की औपचारिक जांच कराने और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने को कहा है.
NCM के अवर सचिव सुनील कुमार सिंह ने पत्र को ‘अत्यंत जरूरी’ बताते हुए यह निर्देश दिया है. पत्र की प्रतियां जम्मू-कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग और आयोग के अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल को भी भेजी गई हैं.
आयोग ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, वरिष्ठ अधिकारियों के व्यवहार और अल्पसंख्यक कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
मिशन युवा की बैठक में शुरू हुआ था विवाद
यह पूरा मामला मिशन युवा की समीक्षा बैठक से जुड़ा है. यह कार्यक्रम युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए चलाया जा रहा है. बैठक के दौरान बीनीश वानी गांदरबल जिले के प्रगति लक्ष्य पेश कर रही थीं. पैर में फ्रैक्चर होने के कारण वह घर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुई थीं.
इसी दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की कार्यप्रणाली में भागीदारी को लेकर सवाल उठे और विवाद शुरू हो गया. इसके बाद अधिकारी के कथित व्यवहार को लेकर मामला तूल पकड़ गया.
मामले को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ने के बाद जम्मू-कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग ने भी औपचारिक जांच शुरू कर दी है. वरिष्ठ IAS अधिकारी मनदीप कौर को जांच अधिकारी बनाया गया है. उन्हें 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. वहीं, JKAS अधिकारी अमित वर्माणी को प्रेजेंटिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है.
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है. आयोग ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव से स्वतंत्र कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिकायत करने वाली महिला अधिकारी को पेशेवर स्तर पर परेशान न किया जाए और उनके खिलाफ किसी तरह की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न हो.
उमर अब्दुल्ला सरकार के 2 साल, BJP ने मांगा रिपोर्ट कार्ड, अधूरे वादों पर घेरा
पहले भी जांच का सामना कर चुके हैं रंजन
कुमार राजीव रंजन AGMUT कैडर के 2010 बैच के IAS अधिकारी हैं. वर्ष 2020 में कुपवाड़ा के डिप्टी कमिश्नर रहते हुए उन्हें कई जिलों से जुड़े कथित आर्म्स लाइसेंसिंग घोटाले में CBI ने गिरफ्तार किया था. इस मामले में जांच के बाद 2024 के अंत में केंद्र सरकार से कानूनी कार्रवाई की मंजूरी मिली थी.
फिलहाल, महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी के मामले में जांच जारी है. अब राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन पर मामले में समयबद्ध कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है.
