How To Make Crispy Jalebi At Home: इंदौर में पोहा और जलेबी काफी फेमस है. अगर आपको इसको खाने का मन है तो हर बार बाजार जैसी पतली, कुरकुरी और रस से भरी जलेबी खाने के लिए हर बार मिठाई की दुकान जाने की जरूरत नहीं है. जलेबी घर पर भी बनाई जा सकती है और अगर घोल की सही गाढ़ापन और तेल का तापमान ठीक रखा जाए, तो इसका स्वाद काफी हद तक दुकान वाली जलेबी जैसा आ सकता है. खास बात यह है कि इस तरीके से बनाई गई जलेबी कुछ घंटों तक कुरकुरी रह सकती है और इसे गर्म दूध या मलाईदार रबड़ी के साथ खाने का मजा ही अलग है.
जलेबी का नाम आते ही कई लोगों को त्योहार, रविवार की सुबह और गर्मागर्म मिठाई की याद आ जाती है. उत्तर भारत में जलेबी को नाश्ते से लेकर मिठाई तक कई तरह से पसंद किया जाता है. हालांकि बाजार में तुरंत तैयार होने वाली जलेबी भी मिलती है, लेकिन पारंपरिक तरीके से तैयार जलेबी का स्वाद अलग होता है. घोल को कुछ घंटे खमीर उठने के लिए रखने से इसमें हल्की खटास आती है, जो जलेबी के स्वाद को खास बनाती है.
जलेबी बनाने के लिए क्या चाहिए?
घर पर जलेबी बनाने के लिए सबसे पहले मैदा, थोड़ा बेसन, दही, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा चाहिए. स्वाद के लिए इलायची पाउडर डाला जा सकता है और चाहें तो जलेबी को बाजार जैसा रंग देने के लिए थोड़ा खाने वाला रंग भी इस्तेमाल कर सकते हैं. चाशनी के लिए चीनी, पानी, इलायची, केसर और थोड़ा नींबू का रस चाहिए. जलेबी तलने के लिए तेल, घी या दोनों का मिश्रण इस्तेमाल किया जा सकता है.
सबसे जरूरी है जलेबी के घोल का सही गाढ़ापन
एक बड़े बर्तन में मैदा, बेसन, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें दही और इलायची पाउडर डालें. जरूरत के अनुसार पानी डालते हुए ऐसा घोल तैयार करें जो आसानी से बह सके, लेकिन बहुत पतला न हो. घोल इतना गाढ़ा भी नहीं होना चाहिए कि बोतल से बाहर ही न निकले. अगर घोल तेल में डालते ही फैलने लगे, तो समझिए कि यह बहुत पतला है. ऐसी स्थिति में थोड़ा मैदा मिलाया जा सकता है. वहीं अगर घोल को आसानी से दबाकर बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं, तो थोड़ा पानी डालें. पानी हमेशा थोड़ी-थोड़ी मात्रा में डालें, ताकि घोल जरूरत से ज्यादा पतला न हो जाए.

घोल को कुछ घंटे रखें
अब घोल को ढककर गर्म जगह पर करीब 10 से 12 घंटे के लिए रख दें, ताकि उसमें खमीर उठ सके. ठंडे मौसम में इसमें ज्यादा समय लग सकता है. तैयार घोल की सतह पर छोटे-छोटे बुलबुले दिखाई देने लगें, तो समझ सकते हैं कि यह अच्छी तरह तैयार हो गया है. जलेबी बनाने से पहले घोल को हल्के हाथ से फेंट लें. अगर इस समय घोल ज्यादा गाढ़ा लग रहा हो, तो करीब एक बड़ा चम्मच पानी डालकर उसे सही बहने वाले गाढ़ेपन में ले आएं.
चाशनी बनाते समय रखें ध्यान
अब एक पैन में चीनी और पानी डालकर उबालें. उबाल आने के बाद इसमें इलायची पाउडर, केसर की कुछ किस्में और थोड़ा नींबू का रस डालें. चाशनी को तब तक पकाएं, जब तक वह हल्की चिपचिपी न हो जाए. अगर आप एक तार की चाशनी बनाना चाहते हैं, तो थोड़ी चाशनी अंगूठे और तर्जनी के बीच लेकर दोनों उंगलियों को अलग करें. अगर इनके बीच एक पतली तार जैसी लकीर बनने लगे, तो चाशनी तैयार है. चाशनी को गर्म रखें, लेकिन बहुत ज्यादा पकाकर गाढ़ा न करें.
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जलेबी का आकार बनाने का सही तरीका
तैयार घोल को किसी निचोड़ने वाली बोतल में भर लें. ऐसी बोतल चुनें जिसका मुंह बहुत चौड़ा न हो, क्योंकि पतली जलेबी के लिए छोटा मुंह बेहतर रहता है. अब कड़ाही में तेल या घी गर्म करें, लेकिन शुरुआत में आंच मध्यम से धीमी रखें. यही वह चरण है जहां थोड़ी सावधानी जरूरी है. अगर तेल बहुत ज्यादा गर्म होगा, तो घोल डालते ही फैल सकता है और जलेबी का सही आकार बनाना मुश्किल हो जाएगा. बोतल को दबाते हुए घोल को तेल में अंदर से बाहर की ओर गोल-गोल घुमाकर डालें. जब जलेबी का आकार बन जाए, तब आंच को मध्यम से तेज कर दें और दोनों तरफ से कुरकुरा होने तक तलें.
गर्म जलेबी को तुरंत चाशनी में डालें
जलेबी जब सुनहरी और कुरकुरी हो जाए, तो उसे तेल से निकालकर तुरंत गर्म चाशनी में डालें. दोनों तरफ कुछ सेकंड रखने के बाद जलेबी को बाहर निकाल लें. इसे बहुत देर तक चाशनी में रखने की जरूरत नहीं है, वरना कुरकुरापन कम हो सकता है. तैयार जलेबी को प्लेट में निकालें और चाहें तो ऊपर से कुछ कटे हुए मेवे डाल दें. इसे गर्म दूध या रबड़ी के साथ परोसें. घर पर जलेबी बनाते समय दो बातें सबसे ज्यादा ध्यान रखने वाली हैं,घोल न बहुत पतला हो और न बहुत गाढ़ा, और जलेबी का आकार बनाते समय तेल की आंच बहुत तेज न हो. इन दोनों बातों का ध्यान रखेंगे, तो पतली, कुरकुरी और रस से भरी जलेबी घर पर बनाना काफी आसान हो जाएगा.
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