- श्रमिक दिवस पर बिहार में मजदूरों के पलायन पर तेजस्वी का तंज।
- यूपी और बिहार से सबसे ज्यादा मजदूर दूसरे राज्यों में जाते हैं।
- बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई रोजगार के प्रमुख आकर्षण केंद्र बने हुए हैं।
- असंगठित क्षेत्र, विशेषकर ड्राइवर व डिलीवरी में काम करते हैं मजदूर।
International Labour Day: अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के मौके पर तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि मजदूरों के बड़े पैमाने पर पलायन की वजह से राज्य का नाम बदलकर श्रमिक प्रदेश कर दिया जाना चाहिए. उनकी इस टिप्पणी ने एक बार फिर से एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि भारत के मजदूर सबसे ज्यादा कहां पलायन करते हैं. आइए जानते हैं किन क्षेत्रों में रोजगार के सबसे ज्यादा अवसर हैं.
पलायन की शुरुआत उत्तर प्रदेश और बिहार से होती है
भारत में प्रवासी मजदूरों का सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश और बिहार से आता है. उत्तर प्रदेश के लगभग 19% और बिहार के लगभग 12% श्रमिक बेहतर आजीविका की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसर, कृषि से होने वाली कम आय और औद्योगिक विकास की कमी इसकी बड़ी वजह है.
रोजगार के लिए सबसे पसंदीदा जगह
बीते कुछ कुछ सालों में बेंगलुरु प्रवासी मजदूरों के लिए सबसे आकर्षक केंद्र के रूप में उभरा है. इस शहर में अनुमानित 50 से 70 लाख प्रवासी रहते हैं. इनमें से कई लोग खास तौर से रोजगार की तलाश में यहां आते हैं. आईटी, निर्माण और सेवा जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों की वजह से बेंगलुरु हर तरह के कौशल स्तर वाले लोगों के लिए रोजगार के बड़े अवसर देता है.
दिल्ली और मुंबई
दिल्ली और मुंबई अभी भी प्रवासी श्रमिकों के लिए एक बड़े केंद्र बने हुए हैं. अकेले दिल्ली ही काम की तलाश में आने वाले लगभग 12% प्रवासियों को आकर्षित करती है. यह शहर निर्माण, परिवहन, घरेलू काम और छोटे पैमाने के उद्योगों में रोजगार के अवसर देता है.
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रोजगार के उभरते हुए केंद्र
गुड़गांव और हैदराबाद जैसे शहर तेजी से रोजगार के केंद्र के रूप में उभर रहे हैं. कॉर्पोरेट क्षेत्रों के विस्तार, बुनियादी ढांचे के विकास और लॉजिस्टिक्स उद्योगों की वजह से ये दोनों शहर लगभग 14% प्रवासी श्रमिकों को आकर्षित करते हैं.
गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्य खासतौर से सूरत जैसे शहर कारखानों, कपड़ा उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर देते हैं.
प्रवासी श्रमिक कहां काम करते हैं?
दरअसल प्रवासी श्रमिक असंगठित क्षेत्रों में काम करते हैं. लगभग 41% श्रमिक ड्राइवर के तौर पर काम करते हैं और लगभग 32% डिलीवरी सेवाओं से जुड़े हुए हैं. बाकी लोग सुरक्षा गार्ड या फिर घरेलू कामगार के तौर पर काम कर पाते हैं.
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