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Jhalawar News: फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए हासिल की नौकरी, सरकारी स्कूल शिक्षक गिरफ्तार


राजस्थान में फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हथियाने वालों के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) का एक्शन लगातार जारी है. इसी कड़ी में झालावाड़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 35 वर्षीय एक सरकारी शिक्षक को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 12 सालों से फर्जी विकलांगता (दिव्यांगता) प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहा था. आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पूछताछ के लिए तीन दिन की पुलिस हिरासत (रिमांड) में भेज दिया गया है.

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान बने सिंह के रूप में हुई है. बने सिंह झालावाड़ जिले के बकानी स्थित ‘स्वामी विवेकानन्द राजकीय मॉडल स्कूल’ में गणित के शिक्षक के पद पर कार्यरत था. झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित कुमार ने बताया कि विकलांगता कोटे के तहत आरक्षण का लाभ लेने के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत विकलांगता होना आवश्यक है. आरोपी बने सिंह ने 42 प्रतिशत विकलांगता (चलने-फिरने में असमर्थता) का प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर नौकरी हासिल की थी. जब कोटा के एमबीएस अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के विशेष चिकित्सा बोर्ड ने इसका पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) किया, तो पता चला कि बने सिंह वास्तव में केवल 6 प्रतिशत ही विकलांग है.

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दूसरे आरोपी की पोल खुली: 42% श्रवण हानि, निकली 0%

इस मामले में एक अन्य आरोपी योगेश कुमार का भी फर्जीवाड़ा सामने आया है. योगेश ने 42 प्रतिशत श्रवण हानि (सुनने में अक्षमता) का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था. लेकिन जब मेडिकल बोर्ड ने उसकी जांच की, तो उसमें किसी भी प्रकार की विकलांगता नहीं पाई गई. जांच रिपोर्ट के बाद, इन दोनों व्यक्तियों को विकलांगता श्रेणी के अंतर्गत मिलने वाले लाभों के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया है.

कैसे हुआ इस बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़?

एसपी अमित कुमार के अनुसार, यह कार्रवाई जयपुर एसओजी (SOG) द्वारा चलाए जा रहे उस विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्रों के जरिए सरकारी नौकरी पाने वालों की पहचान करना है. पुलिस को कुछ सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ गोपनीय शिकायतें मिली थीं. इसके बाद, परिवीक्षाधीन आरपीएस अधिकारी कृष्ण गोपाल की देखरेख में जांच शुरू की गई. झालावाड़ पुलिस और एसओजी ने शिकायतों की जांच की, बायोमेट्रिक सत्यापन किया और मेडिकल बोर्ड बिठाकर इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया.

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