झारखंड हाई कोर्ट ने JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षाओं और नियुक्तियां को रद्द करने के हेमंत सोरेन की सरकार के फैसले पर रोक लगा दी. इस पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ये कोर्ट का फैसला है, तो वो झारखंड सरकार को मानना ही पड़ेगा.
हम समझते हैं झारखंड सरकार फिर से विचार करेगी- तारिक अनवर
तारिक अनवर ने कहा, ”ये मांग छात्रों की तरफ से की गई थी, उन्होंने अपने आंदोलन के दौरान ये बात रखी थी कि जिन लोगों की परीक्षा हुई और जिनको नौकरी मिल गई है, उन सारी नौकरियों को बर्खास्त किया जाए. तो उसी को ध्यान में रखते हुए झारखंड सरकार ने फैसला लिया था लेकिन अब जब कोर्ट का निर्देश आ गया है या उनका डायरेक्टिव आ गया तो हम समझते हैं कि झारखंड सरकार उस पर फिर से विचार करेगी.”
15 सितंबर तक सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश
झारखंड सरकार के नोटिफिकेशन के खिलाफ दायर की गयी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से अगली सुनवाई की तारीख 15 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है. झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के 25 दिनों के आंदोलन के बीच 18 अगस्त को झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) नीत सरकार ने 2014 से आयोजित की गयी 22 परीक्षाएं रद्द कर दीं और अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए हैं.
उच्च स्तरीय कमेटी के गठन पर क्या बोले तारिक अनवर?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करने पर पूछे गए सवाल पर तारिक ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ”तमाम विपक्ष और आंदोलनकारियों ने मांग रखी थी कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाए, वो सभी मामलों की जांच करे. किस तरह से दिल्ली पुलिस ने छात्रों के साथ बर्बरता की, दूसरी जगहों पर भी पुलिस ने जो सलूक किया है उसको ध्यान में रखते हुए, उसकी पूरी जांच हो और जो भी उसमें दोषी पाए जाएं उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.”
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