Headlines

Lashkar-e-Taiba Headquarters: लश्कर हेडक्वार्टर के बाहर लगा ‘पहले और बाद’ का बोर्ड! भारतीय स्ट्राइक, पुनर्निर्माण और फंडिंग के दावों पर बढ़ी चर्चा


पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने ध्वस्त हेडक्वार्टर मरकज़ तैयबा के परिसर के बाहर एक बोर्ड लगाया है. बोर्ड में भारतीय वायुसेना की स्ट्राइक से पहले की तस्वीर और स्ट्राइक के बाद अगले दिन हेडक्वार्टर की ध्वस्त हालत की तस्वीर दिखाई गई है. बोर्ड पर दोनों तस्वीरों के साथ परिसर को सरकारी मस्जिद उम्म उल कुरा नांगल सदन, मुरीदके बताया गया है.

भारतीय वायुसेना की स्ट्राइक को 1 साल से ज़्यादा समय हो चुका है.  फ़िलहाल लश्कर ए तैयबा ने अपने ध्वस्त हेडक्वार्टर के निर्माण का काम नहीं शुरू किया है. पहले जिस जगह पर एक समय पर लश्कर ए तैयबा का हेडक्वार्टर की दो इमारतें खड़ी हुआ करती थी वो भारतीय मिसाइल स्ट्राइक में तबाह हो गई थी.  इस इमारतों को फिर से पिछले साल सितंबर में जेसीबी मशीन ने गिरा दिया गया था और पूरा परिसर इस समय खाली प्लॉट में तब्दील हो चुका है.

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान से खरीदे गए थे 2 मोबाइल फोन, 4 साल तक रहे बंद… पहलगाम आतंकी हमले में चौंकाने वाला खुलासा

पाकिस्तानी सरकार से मिले पैसे किए खर्च

सूत्रों के मुताबिक वैसे तो पिछले साल ही इमारत के पुनर्निर्माण का काम शुरू हो जाना था, जैसे जैश ए मोहम्मद ने अपने बहावलपुर स्थित हेडक्वार्टर की मरम्मत का शुरू किया हुआ है. हालांकि, पाकिस्तान की सरकार से मिले मरम्मत के 28 करोड़ पाकिस्तानी रुपयों को लश्कर ए तैयबा ने हथियार खरीदने और अपनी राजनीतिक पार्टी पाकिस्तानी मरकज़ी मुस्लिम लीग के काम में लगा लिया और आज तक पुनर्निर्माण का काम नहीं शुरू हुआ.

पैसे के इस्तेमाल कहां किया गया?

जानकारी के मुताबिक़ पुनर्निर्माण के पैसे को हथियार और राजनीतिक काम में इस्तेमाल लश्कर ए तैयबा ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की देखरेख में ही किए हैं.  इस साल मार्च में FATF की टीम को पाकिस्तान का दौरा करना था. ऐसे में पाकिस्तान की सरकार ने फैसला किया था कि FATF को मुरीदके का दौरा कराया जाएगा. इसी कारण पुनर्निर्माण नहीं करवाया गया ताकि पाकिस्तान की सरकार FATF की टीम को दिखा सके कि पाकिस्तान का सरकारी तंत्र लश्कर ए तैयबा की मदद नहीं कर रहा है.

 लश्कर को पाकिस्तानी सरकार ने दी इजाजत

नेशनल एक्शन प्लान के तहत साल 2019 में ही दिखावे के लिए पाकिस्तान की सरकार ने लश्कर के इस हेडक्वार्टर को अपने अधिकार में ले लिया था. लेकिन ये सिर्फ काग़ज़ पर था. लश्कर हेडक्वार्टर मरकज़ तैयबा का संरक्षक 2021 से लश्कर आतंकी मुफ्ती अब्दुर रहमान आबिद है. ऐसे में FATF की टीम के दौरे से पहले पुनर्निर्माण ना शुरू करवा कर ISI ने झूठा लेकिन पुख्ता संदेश देने की कोशिश की कि वो आतंकी तंजीम नहीं कर रहा है. लश्कर को भी इजाज़त दे दी की वो पुनर्निर्माण के नाम पर मिले 28 करोड़ रुपये का इस्तेमाल हथियार और राजनीतिक खर्च के लिए कर ले.

भारत के खिलाफ जहर घोलने की साजिश

सूत्रों के मुताबिक लश्कर ने अपने हेडक्वार्टर पर पहले की तस्वीर और भारतीय मिसाइल स्ट्राइक के बाद की तस्वीर एक साथ लगा कर आतंकी ट्रेनिंग लेने आने वाले के मन में भारत के खिलाफ जहर घोलने के लिए किया है. इस तरह से ये युवा जिहाद और भारत के ख़िलाफ़ नफ़रत के नाम पर भारत में घुसपैठ करके आतंकी हमले को अंजाम दें.

ये भी पढ़ें: मोदी सरकार का बड़ा एक्शन, CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *