लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि का मुद्दा गर्म हो चुका है. विश्वविद्यालय परिसर में छात्र आक्रोशित हैं और सीधे तौर पर चेतावनी दे रहे हैं कि अगर फीस वृद्धि का फैसला वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज होगा. वहीं कुलपति का कहना है कि जो भी अतिरिक्त सीट बढ़ाई गई और नए कोर्स लेकर आए गए हैं, ये उनका शुल्क लिया जा रहा है. कोई फीस वृद्धि नहीं है.
विश्वविद्यालय में छात्रों की बढ़ती फीस को लेकर प्रदर्शन
शिक्षा के मंदिर लखनऊ विश्वविद्यालय में इन दिनों माहौल गरमाया हुआ है. छात्र प्रदर्शन कर रहे है और मांग कर रहे है कि उनके साथ न्याय हो. दरअसल ये सारा मामला विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस के बाद सामने आया. इस नोटिस में बीए के एंट्रेंस एक्जाम के फार्म की फीस 800 से 1200 कर दी गई है.
इसके अलावा एलएलबी की फीस को भी बढ़ाकर 47000 कर दिया गया. जिसे लेकर छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और मांग रखी कि विश्वविद्यालय में आम गरीब छात्र पढ़ने आता है तो लिहाजा फीस कैसे वहन होगी. विश्वविद्यालय प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम समाजवादी छात्र सभा द्वारा दिया गया है और बड़ा आंदोलन करने की बात कही गई है.
पश्चिमी यूपी में अखिलेश यादव ने बढ़ाई अपनी ‘साईकिल’ की रफ्तार, किसानों पर है सपा का खास फोकस
‘सीट बढ़ी है और सुविधा भी दी जा रही है’- कुलपति
वहीं कुलपति का कहना है कि सीट बढ़ी है और सुविधा भी दी जा रही है. कुलपति प्रोफेसर जय प्रकाश सैनी का कहना है कोई फीस नहीं बढ़ी है जो अतिरिक्त सीट बढ़ी है, उसकी फीस ली जा रही है. इसके अलावा छात्रों को स्कालरशिप भी मिलती है.
अपने किए गए कार्यों का बखान कर रहे कुलपति को शायद ये याद नहीं रहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय में पढ़ने आने वाला छात्र उस मध्यम परिवार का भी होता है जो बड़ी मुश्किल से फीस का खर्चा वहन करता है. उम्मीद है कि छात्रों की आवाज जरूर सुनी जाएगी और उनकी समस्या का हल होगा. छात्रों का साफ तौर पर कहना है कि अगर समस्या हल नहीं हुई तो प्रदर्शन होगा.
अखिलेश के ‘यादव प्रेम’ पर भड़के वसीम राईन, कहा- मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक समझा अब उखाड़…
