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Mahabharat: युधिष्ठिर से दुर्योधन तक, जानिए महाभारत के सभी राजकुमारों की जन्म कथा


वन में शिकार करते समय राजा पांडु ने अनजाने में एक ऋषि और उनकी पत्नी पर बाण चला दिया, जो हिरण के रूप में थे. मृत्यु से पहले ऋषि ने क्रोधित होकर पांडु को श्राप दिया कि यदि वे कभी अपनी पत्नियों के पास जाएंगे, तो उसी क्षण उनकी मृत्यु हो जाएगी. इसी श्राप के कारण पांडु वनवास में रहने लगे थे.

राजा पांडु को एक श्राप मिलने के बाद उन्होंने राजपाट छोड़ दिया और अपनी पत्नियों कुंती तथा माद्री के साथ वन में रहने लगे. हिमालय के शांत जंगलों में उन्होंने साधु-संतों की तरह जीवन बिताना शुरू किया. राजसी सुख छोड़कर तपस्या और सादगी अपनाने वाला यह जीवन आगे चलकर पांडवों के जन्म का कारण बना.

राजा पांडु को एक श्राप मिलने के बाद उन्होंने राजपाट छोड़ दिया और अपनी पत्नियों कुंती तथा माद्री के साथ वन में रहने लगे. हिमालय के शांत जंगलों में उन्होंने साधु-संतों की तरह जीवन बिताना शुरू किया. राजसी सुख छोड़कर तपस्या और सादगी अपनाने वाला यह जीवन आगे चलकर पांडवों के जन्म का कारण बना.

Published at : 29 May 2026 07:30 AM (IST)

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