बीते दिन यानी 26 अक्टूबर को ही खबर सामने आई, कि दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में से एक माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि वो अपने करीब 60 हजार कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑप्शन देने जा रही है. कंपनी के इस फैसले का असर भारत समेत कई अन्य देशों में ऑफिसेज पर भी पड़ने वाला है. कंपनी लोगों को नौकरी छोड़ने के बदले उन्हें आर्थिक मदद और दूसरी नौकरी तलाशने में सहायता देने वाली है.
लेकिन क्या हो जब कोई कर्मचारी इस ऑफर को ठुकरा देगा? क्या उस कर्मचारी की नौकरी जारी रहेगा या उसे फोर्सफुली निकाल दिया जाएगा?
ऑफर नहीं किया एक्सेप्ट तो क्या होगा?
माइक्रोसॉफ्ट ने साफ किया है कि जो कर्मचारी इस ऑफर को स्वीकार नहीं करेंगे, उन्हें अपने आप नौकरी से नहीं निकाला जाएगा. हालांकि कंपनी ने ये भी कहा है कि ये योजना भविष्य में होने वाली छंटनी का कोई ऑप्शन नहीं है. यानी कारोबारी जरूरतों के हिसाब से कंपनी आगे भी कर्मचारियों की संख्या कम करने का फैसला ले सकती है.
फिलहाल कंपनी ने ये घोषणा नहीं की है कि अगर कम कर्मचारी इस ऑफर को स्वीकार करते हैं, तो वो छंटनी का नया दौर शुरू करेगी. इसलिए ऑफर ठुकराने का मतलब तुरंत नौकरी जाना नहीं है, लेकिन इससे भविष्य में नौकरी की पूरी गारंटी भी नहीं मिलती.
भारत में कर्मचारियों पर क्या पड़ेगा असर?
माइक्रोसॉफ्ट की इस योजना का असर भारत में काम करने वाले कर्मचारियों पर भी पड़ेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट के भारत में करीब 23,000 कर्मचारी हैं. लेकिन कंपनी ने अभी ये नहीं बताया है कि इनमें से कितने कर्मचारी इस ऑफर के लिए पात्र हैं. ये भी जरूरी नहीं है कि भारत में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑप्शन मिले. इसका फैसला उनके जॉब लेवल और संबंधित टीम की पात्रता के आधार पर होगा.
बता दें कि भारत के साथ ही कंपनी की इस योजना का शिकार अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में कंपनी के चुनिंदा कर्मचारी होने वाले हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में करीब 60 हजार कर्मचारी इस योजना के दायरे में आ सकते हैं. हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि सभी कर्मचारियों को नौकरी छोड़नी होगी या सभी इस योजना के लिए पात्र हैं.
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