मायानगरी मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को (NESCO) सेंटर में 11 अप्रैल को आयोजित एक म्यूजिक कॉन्सर्ट पार्टी उस वक्त मातम में बदल गई, जब ड्रग्स और शराब के कॉकटेल ने दो युवाओं की जान ले ली. पार्टी में ड्रग्स के ओवरडोज के चलते दो छात्रों की मौत हो गई है, जबकि एक 25 वर्षीय युवती की हालत बेहद गंभीर है और वह अस्पताल के आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है. इस सनसनीखेज घटना के बाद मुंबई पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए इवेंट ऑर्गेनाइजर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
कैब में ली ड्रग्स, इवेंट में हुआ ‘ओवरडोज’
जानकारी के मुताबिक, एक कॉलेज के करीब 15-16 स्टूडेंट्स का समूह इस म्यूजिक इवेंट में शामिल होने पहुंचा था. आरोप है कि पार्टी के दौरान खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री हुई. पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ युवाओं ने MDMA (एक्स्टेसी) जैसी हाई-प्रोफाइल ड्रग्स का सेवन किया था. सूत्रों के अनुसार, मृतकों में शामिल एक युवक ने इवेंट में आने से पहले कैब में ही ड्रग्स की एक गोली खा ली थी. इसके बाद इवेंट के दौरान उसने दूसरी डोज ले ली, जिससे शरीर में ओवरडोज की स्थिति बन गई.
सांस लेने में हुई तकलीफ और टूट गई सांसों की डोर
देर रात करीब 12 बजे पार्टी में मौजूद कुछ स्टूडेंट्स को अचानक सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी. आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. इलाज के दौरान एक युवक और एक युवती ने दम तोड़ दिया. इनकी उम्र 20 से 28 वर्ष के बीच बताई जा रही है. डॉक्टरों ने भी शुरुआती तौर पर मौत की वजह ड्रग्स का ‘ओवरडोज’ ही बताया है, हालांकि अंतिम पुष्टि फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद होगी.
ऑर्गेनाइजर सहित 6 पुलिस की गिरफ्त में
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक्शन लिया और अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
- विहान उर्फ आकाश सामल (31 वर्ष, इवेंट ऑर्गेनाइजर)
- सनी विनोद जैन
- प्रतीक पांडे
- आनंद पटेल
- रौनक खंडेलवाल
बालकृष्ण कुरूप (सिक्योरिटी से जुड़ा)
इसके अलावा पुलिस ने दो कॉलेज स्टूडेंट्स और एक ड्रग सप्लायर को भी हिरासत में लिया है. सप्लायर के पास से 6-7 एक्स्टेसी (MDMA) टैबलेट्स भी बरामद की गई हैं. सभी आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है.
BNS और NDPS एक्ट में FIR दर्ज
इस मामले में पुलिस ने नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 125, 125(B), 3(5) के साथ-साथ शराबबंदी कानून और NDPS एक्ट के तहत कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. पुलिस अब तक 15 से 20 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है. जांच में खुलासा हुआ है कि ड्रग्स मुंबई के बाहर से लाई गई थी.
पुलिस की खुफिया विफलता पर उठे सवाल
इस खौफनाक घटना ने मुंबई पुलिस की एंटी-ड्रग्स मुहिम पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. इतने बड़े इवेंट में खुलेआम मौत का यह सामान कैसे बंटा और पुलिस व खुफिया विभाग को इसकी भनक समय रहते क्यों नहीं लगी? फिलहाल पुलिस पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.
