Headlines

Nigeria Child Scam: दुनिया के इस देश में 16 साल का लड़का पहुंचा संसद चुनाव लड़ने, उम्र छिपाने का मामला उजागर


दुनिया में क्या कभी 16 साल का लड़का किसी देश की संसद का चुनाव लड़ सकता है? कानून के हिसाब से ये मुश्किल है, लेकिन नाइजीरिया में एक लड़के ने ऐसा दावा किया कि वहां की बड़ी राजनीतिक पार्टी भी उसकी बातों में आ गई. यह मामला अब पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. नाइजीरिया में अबिन अल-अजाबिन जजौ यानी जारिया का अजूबा नाम से मशहूर महमूद सादिस बुबा ने खुद को 30 साल का बताया था. उसने दावा किया कि वह बौनेपन की बीमारी से पीड़ित है, इसलिए उसकी शक्ल और कद बच्चों जैसा दिखाई देता है. इसी कहानी की वजह से वह संसद चुनाव लड़ने के काफी करीब पहुंच गया था. लेकिन बाद में उसके असली दस्तावेज सामने आने के बाद पूरा मामला पलट गया.

यह विवाद तब शुरू हुआ जब नाइजीरिया की बड़ी राजनीतिक पार्टी ऑल प्रोग्रेसिव कांग्रेस (APC) की तरफ से महमूद का एक इंटरव्यू वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इस वीडियो में उसने कहा कि वह पहले गाड़ी चलाने का काम करता था और उसका जन्म 2 अगस्त 1995 को हुआ था. वीडियो में उसने नेताओं से कहा कि वह अपनी मर्जी से चुनाव नहीं लड़ रहा, बल्कि जनता चाहती है कि वह उनकी सेवा करे. उसकी यह बात लोगों को काफी पसंद आई और सोशल मीडिया पर वह तेजी से लोकप्रिय हो गया. कई लोग उसे आम जनता की आवाज और नया नेता बताने लगे.

ये भी पढ़ें: भारत के 3,600 से ज्यादा टैंकों को महाबली बनाएंगे हम’, रूसी टैंक डिजाइनर का ऑफर, T-90 भीष्म बनेगा विध्वंसक

चुनाव लड़ने के लिए उम्र कितनी जरूरी है?

नाइजीरिया के कानून के अनुसार संसद का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की उम्र कम से कम 25 साल होनी चाहिए. महमूद ने खुद को 30 साल का दिखाया और इसी आधार पर पार्टी से टिकट भी लगभग हासिल कर लिया था, लेकिन जैसे-जैसे उसकी लोकप्रियता बढ़ी, कुछ लोगों ने उसके असली दस्तावेज इंटरनेट पर शेयर कर दिए. इनमें उसका पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, नेशनल आईडी और स्कूल रिकॉर्ड शामिल थे.

दस्तावेज सामने आते ही खुल गई सच्चाई

दस्तावेजों के अनुसार महमूद का जन्म साल 2010 में हुआ था. यानी वह 30 साल का नहीं, बल्कि सिर्फ 16 साल का लड़का था. यह खुलासा होते ही पूरे देश में हड़कंप मच गया.लोग यह सोचकर हैरान रह गए कि आखिर इतनी बड़ी राजनीतिक पार्टी बिना सही जांच के किसी को चुनाव टिकट कैसे देने जा रही थी.

टीचर ने भी खोली पोल

मामला और बड़ा तब हो गया जब महमूद के स्कूल के एक पुराने शिक्षक ने मीडिया के सामने बयान दिया. शिक्षक ने कहा कि उन्होंने कुछ साल पहले ही महमूद को जूनियर हाईस्कूल में पढ़ाया था और वह अभी नाबालिग है. शुरुआत में पार्टी ने इस मामले को विरोधियों की साजिश बताया, लेकिन जब लगातार सबूत सामने आने लगे तो पार्टी के पास बचाव का कोई रास्ता नहीं बचा.

पार्टी ने लिया बड़ा फैसला

सबूतों के सामने आने के बाद APC पार्टी ने महमूद को तुरंत सस्पेंड कर दिया और चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया. बाद में महमूद ने खुद भी पार्टी अध्यक्ष को पत्र लिखकर चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया.  

सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा

यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ लोग महमूद की चालाकी पर हैरानी जता रहे हैं, तो कुछ राजनीतिक पार्टियों की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं. कई लोगों का कहना है कि अगर दस्तावेज लीक नहीं होते, तो शायद एक 16 साल का लड़का संसद चुनाव तक पहुंच जाता.

ये भी पढ़ें: Explained: US-ईरान जंग के तीन महीने पूरे! कैसे होर्मुज से दुनिया की नसों में घुला जहर, भारत पर चौतरफा मार और IMF की चौंकाने वाली रिपोर्ट



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *