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POCSO मामले में केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के आरोपी बेटे भागीरथ को मिली रेगुलर जमानत, 50 से ज्यादा दिन के बाद कोर्ट ने दी राहत


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  • तेलंगाना हाई कोर्ट ने साई भागीरथ को नियमित जमानत दी।
  • उन पर नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न का आरोप था।
  • FIR के बाद आठ दिन तक वह फरार रहा।
  • POCSO एक्ट मामले में 50 दिन कैद रहे।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भागीरथ को तेलंगाना हाई कोर्ट ने गुरुवार (9 जुलाई, 2026) को रेगुलर जमानत दे दी है. कोर्ट की तरफ से आरोपी साई भागीरथ को 17 साल की लड़की के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के मामले में POCSO एक्ट के तहत 50 दिनों से ज्यादा समय तक जेल में रहने के बाद यह जमानत दी गई है.

शर्तों के बाद हाई कोर्ट ने आरोपी को दी जमानत

वकील और बीजेपी नेता करुणा सागर ने इस संबंध में मीडिया से बातचीत में कहा कि हाई कोर्ट ने जमानत याचिका मंजूर करने का आदेश दिया और कुछ शर्तों के साथ एक लाख रुपये की जमानत राशि (श्योरिटी) जमा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा, ‘जमानत की शर्तें और आधार तभी पता चलेंगे, जब आदेश की कॉपी अपलोड की जाएगी.’

इससे पहले मलकजगिरी की एक स्पेशल POCSO कोर्ट ने भागीरथ को कॉलेज में परीक्षा देने के लिए  20 जून को एक हफ्ते की अंतरिम जमानत दी थी.

पीड़िता की मां की शिकायत पर दर्ज हुई थी FIR, 8 दिन फरार था आरोपी

केंद्रीय राज्य मंत्री के बेटे साई भागीरथ को 16 मई को गिरफ्तार किया गया था. इससे एक हफ्ते से भी ज्यादा समय पहले, 8 मई को पीड़िता की मां की शिकायत पर उसके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. शुरुआत में उस पर POCSO एक्ट के तहत यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था और बाद में गंभीर यौन उत्पीड़न (एग्रवेटेड सेक्सुअल असॉल्ट) के आरोप भी जोड़े गए. 

FIR दर्ज होने के बाद भागीरथ आठ दिनों तक फरार रहा, जबकि उसकी ओर से तेलंगाना हाई कोर्ट में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा के लिए याचिका दायर की गई थी. कोर्ट की तरफ से सुरक्षा देने से इनकार करने के बाद उसे 16 मई को गिरफ्तार कर लिया गया. जहां उसके पिता बंदी संजय ने दावा किया कि उसने खुद सरेंडर किया था. वहीं तेलंगाना पुलिस और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का कहना था कि उन्होंने उसकी लोकेशन का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया था.

पीड़िता की पैरवी कर रहे BRS नेता ने जमानत पर क्या कहा?

भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता आरएस प्रवीण कुमार, जो पीड़िता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं और इस मामले को संभालने के कांग्रेस सरकार के तरीके की आलोचना कर रहे हैं, ने कहा कि यह दुखद है कि भागीरथ को जमानत मिल गई, लेकिन कोर्ट के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने शिकायतकर्ता को पर्याप्त कानूनी सहायता नहीं दी. 

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