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PoJK: मुजफ्फराबाद की ओर बढ़े 50 काफिले, लाइट मशीन गन से दबाई जा रही आवाज


पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए अब मुनीर की सेना लाइट मशीन गन का इस्तेमाल कर रही है. इस बीच बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद पहुंच गए हैं.  सूत्रों ने एबीपी न्यूज़ को बताया है कि प्रदर्शनकारियों पर रावलकोट में सुरक्षा बलों की ओर से गोलीबारी जारी है. ज्वाइंट आवाम एक्शन कमेटी के अनुसार, सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों पर लाइट मशीन गन का इस्तेमाल कर रहे हैं. हताहतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, लॉन्ग मार्च में शामिल लोगों ने रणनीति के तौर पर फिलहाल डी-चौक पर ही अपना कैंप जारी रखने का फैसला किया है.

सूत्रों ने बताया,  ‘लोगों के घायल होने या मारे जाने से बचाने के लिए, लॉन्ग मार्च को तुरंत आगे बढ़ाने के बजाय डी-चौक पर ही रोक दिया गया है. उमर नज़ीर कश्मीरी ने सभी प्रतिभागियों से अनुशासन बनाए रखने, शांतिपूर्ण रहने और आगे की कार्रवाई के लिए नेतृत्व के अगले निर्देश का इंतज़ार करने की अपील की है.’

सुरक्षा बलों की गोलीबारी से 3 प्रदर्शनकारियों की मौत

कमेटी ने सभी नागरिकों से एक-दूसरे के संपर्क में रहने, सावधानी बरतने और केवल विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करने का आग्रह किया है. इस बीच, लॉन्ग मार्च के लिए लगभग 50 काफिले मुज़फ़्फ़राबाद की ओर बढ़ने लगे हैं. काफिलों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी के कारण 3 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है; इनमें से दो लोअर प्लेट, मुज़फ़्फ़राबाद के और एक नीलम का रहने वाला था.

जनजीवन प्रभावित

सूत्रों ने बताया, लोअर प्लेट में मारे गए लोगों की अंतिम नमाज-ए-जनाज़ा लाहौर होटल के पास अदा की गई. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 2 और शव सीएमएच  में हैं, जिन्हें अभी तक उनके परिजनों को नहीं सौंपा गया है, जबकि कई युवाओं के घायल होने की भी खबरें मिली हैं. मुज़फ़्फ़राबाद शहर में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जबकि लाहौर होटल, लोअर प्लेट में धरना चल रहा है, जहाँ बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं.

इस बीच खबर है कि पूर्व हिजबुल कमांडर फारूक खान, जिन्हें कमांडर फारूक सुधन के नाम से भी जाना जाता है, मुज़फ़्फ़राबाद मार्च के दौरान घायल होने के बाद मारे गए है. जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उसका केवल एक ही आधिकारिक अकाउंट है, जिसे एडवाइजरी काउंसिल के दिशानिर्देशों के अनुसार कमेटी की आधिकारिक मीडिया टीम संचालित और प्रबंधित करती है.  यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई अकाउंट खुद को कमेटी, उसकी मीडिया टीम या उसके प्रवक्ता के रूप में पेश करता है, तो उसे आधिकारिक या विश्वसनीय नहीं माना जाना चाहिए.

कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी

वहीं, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जारी आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारी चल रहे आंदोलन के समर्थन में नीलम घाटी के कुंडल शाही बाज़ार इलाके, खुर्शीदाबाद और लोअर प्लेट (मुज़फ़्फ़राबाद) में जमा हुए. इस बीच इस्लामाबाद के F-10 सेंटर में कमेटी के समर्थन में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया. इस प्रदर्शन में भारी समर्थन देखा गया क्योंकि बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें भाग लिया.

वहीं, बांग्लादेश में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कश्मीरियों के खिलाफ राज्य की हिंसा की निंदा करने के लिए बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया. प्रदर्शनकारियों ने मारे गए लोगों के परिवारों के साथ एकजुटता दिखाई और शांतिपूर्ण समाधान की मांग की.



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