महाराष्ट्र साइबर ब्रांच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किए गए एक कथित भड़काऊ वीडियो के मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. यह मामला कांग्रेस नेता भाई जगताप के आधिकारिक X अकाउंट से साझा किए गए एक वीडियो से जुड़ा है. हालांकि वीडियो उनके अकाउंट से पोस्ट किया गया था, लेकिन फिलहाल एफआईआर किसी नामजद व्यक्ति के बजाय अज्ञात आरोपी के खिलाफ दर्ज की गई है. मामले की जांच जारी है.
शिकायतकर्ता ने क्या कहा?
शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि 31 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 2 बजे वह अपना सोशल मीडिया अकाउंट देख रहे थे. उसी दौरान उनकी नजर कांग्रेस नेता भाई जगताप के X अकाउंट द्वारा किए गए एक पोस्ट पर पड़ी. पोस्ट में साझा किए गए वीडियो के कैप्शन में लिखा था, “दिल्ली पुलिस के सरकार पर गंभीर आरोप”.
कब्जे के लिए पार्टनर की हत्या की साजिश, यूपी से 7 आरोपी गिरफ्तार
वीडियो में एक व्यक्ति, जिसे भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का अधिकारी बताया गया है, वह कहते हुए दिखाई देता है, “मैं तत्काल प्रभाव से भारतीय पुलिस सेवा से अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं. सरकार मुझसे यह उम्मीद कर रही थी कि मैं प्रेस के सामने आकर सड़कों पर अपने हक की मांग कर रहे छात्रों के बारे में सरासर झूठ बोलूं. मुझसे कहा गया कि उन्हें अपराधी साबित करूं, लेकिन मैं ऐसी किसी भी व्यवस्था का हिस्सा नहीं रह सकता जो मुझे सच बोलने से रोके और मासूम छात्रों को फंसाने के लिए मजबूर करे.”
आगे कहता है, “ये छात्र कोई आतंकवादी नहीं हैं, ये हमारे देश का भविष्य हैं. मैंने पुलिस की नौकरी सच का साथ देने के लिए चुनी थी, झूठ बेचने के लिए नहीं. मैं सरकार के इस कृत्य का हिस्सा नहीं बन सकता. आज से मैं सरकार के साथ नहीं, बल्कि इन छात्रों के साथ हूं.”
AI से तैयार फर्जी वीडियो होने का दावा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया फर्जी वीडियो है. शिकायत में कहा गया है कि इसमें दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी की आवाज और संवाद को कृत्रिम रूप से बदला गया है, जिससे ऐसा लगे कि अधिकारी वास्तव में यह बयान दे रहे हैं.
शिकायत में यह भी कहा गया है कि दिल्ली पुलिस के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने 28 जुलाई 2026 को इस वीडियो का फैक्ट चेक किया था और इसे पूरी तरह फर्जी घोषित किया था. शिकायतकर्ता के अनुसार, इसकी जानकारी पीआईबी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा की थी और उसकी प्रति शिकायत के साथ संलग्न की गई है.
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद 30 जुलाई 2026 को शाम 6:09 बजे @Bhaijagtap1 एक्स अकाउंट से इस कथित फर्जी एआई जनरेटेड वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया. उनका कहना है कि बिना सत्यता की जांच किए वीडियो प्रसारित किया गया, जिससे समाज में भ्रम फैल सकता है और सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार के साथ जनमानस में असंतोष और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है.
‘गृह मंत्रालय नहीं गैंग चला रहे हैं…’, संजय राउत का तीखा हमला
डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी महाराष्ट्र साइबर
इस पूरे मामले में महाराष्ट्र साइबर ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जांच एजेंसी फिलहाल डिजिटल साक्ष्यों, संबंधित X अकाउंट की तकनीकी जानकारी और पोस्ट से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल किसी व्यक्ति को इस मामले में नामजद नहीं किया गया है.
