Best Way To Tie Strong Shoelace Knots: जूते पहनकर निकलते ही अगर कुछ देर बाद फीते खुल जाएं तो यह छोटी सी परेशानी भी काफी परेशान कर सकती है. खासकर बच्चों के साथ ऐसा हो तो उन्हें बार-बार रुककर फीते बांधने पड़ते हैं. कई बार लोग मान लेते हैं कि फीते ठीक से बांधे नहीं गए हैं, लेकिन हर बार इसकी वजह बांधने का तरीका ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है. फीते की लंबाई, जूतों की फिटिंग, फीते पर लगी गंदगी और उनका डिजाइन भी गांठ के जल्दी खुलने की वजह बन सकता है.
अगर आपके या बच्चे के जूते के फीते बार-बार खुलते हैं, तो कुछ आसान चीजों पर ध्यान देकर इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
सबसे पहले फीते की लंबाई चेक करें
जूते में फीते डालने के बाद उसकी काफी लंबाई आईलेट्स के बीच ही चली जाती है. बचा हुआ हिस्सा गांठ और दोनों तरफ के लूप बनाने में इस्तेमाल होता है. अगर फीते जरूरत से ज्यादा लंबे हैं, तो उनके सिरे चलते समय जमीन पर लग सकते हैं या किसी चीज में फंस सकते हैं. इससे खिंचाव पड़ता है और गांठ खुल सकती है. ऐसे में जूते से फीते निकालकर उनकी पूरी लंबाई नापें. अगर काफी हिस्सा अतिरिक्त बच रहा है, तो थोड़े छोटे फीते इस्तेमाल करने पर विचार करें. इससे गांठ के बाद लटकने वाला हिस्सा कम रहेगा और उनके बार-बार फंसने की संभावना भी घट सकती है.
जूते की फिटिंग भी हो सकती है वजह
जूते का सही फिट होना सिर्फ आराम के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि इसका असर फीते पर भी पड़ सकता है. अगर जूते बहुत छोटे हैं, तो पैर के दबाव के कारण जूते को बंद रखने वाले फीते पर ज्यादा खिंचाव पड़ सकता है. इससे गांठ ढीली होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए अगर जूते पहनने पर पैर दबता है, उंगलियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है या बच्चा बार-बार जूते उतारना चाहता है, तो जूते की फिटिंग जरूर जांचें. जरूरत पड़ने पर पैर का साइज दोबारा मापकर सही साइज का जूता चुनें.

गंदे या गीले फीते भी जल्दी खुल सकते हैं
कई बार समस्या गांठ में नहीं, बल्कि फीते पर लगी गंदगी में होती है. अगर बच्चा बारिश, कीचड़ या पानी में खेलकर आया है, तो फीते पर नमी और मिट्टी जम सकती है. इससे फीते की सतह चिकनी हो सकती है और गांठ उतनी मजबूती से नहीं टिकती. सूखी मिट्टी फीते पर चिपकी हो तो वह भी गांठ को सही तरीके से कसने में परेशानी पैदा कर सकती है. इसलिए फीते गंदे होने पर उन्हें साफ करें. साबुन या डिटर्जेंट इस्तेमाल करने के बाद अच्छी तरह पानी से धो लें और फीते पूरी तरह सूखने के बाद ही दोबारा बांधें.
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फीते बांधने का तरीका सबसे ज्यादा मायने रखता है
अगर फीते अलग-अलग जूतों में बार-बार खुल रहे हैं, तो हो सकता है कि समस्या बांधने के तरीके में हो. खासकर बच्चों में ऐसा आम है, क्योंकि वे अभी फीते बांधना सीख रहे होते हैं. फीते बांधने के दौरान बनने वाली गांठ देखने में सही लग सकती है, लेकिन हर गांठ चलते समय एक जैसी मजबूती नहीं देती. दो गांठें देखने में लगभग एक जैसी लग सकती हैं, लेकिन उनके लूप की दिशा अलग होने से उनकी पकड़ में फर्क पड़ सकता है.
एक मजबूत तरीका वह है जिसमें दोनों लूप लगभग बराबर और सीधे रहते हैं. गांठ बांधते समय पहले दोनों फीते क्रॉस करें और एक को दूसरे के नीचे से निकालकर अच्छी तरह कसें. इसके बाद एक फीते से लूप बनाएं और दूसरे फीते को उसके चारों ओर लपेटकर नीचे से निकालें. अब बने हुए दूसरे लूप को पकड़कर दोनों लूप को बराबर खींचें. ध्यान रखें कि गांठ बहुत ढीली न रहे और दोनों लूप एक तरफ झुके हुए न हों. सही तरीके से बांधी गई गांठ चलते समय खुलने की संभावना कम कर सकती है.
गोल फीते की जगह फ्लैट फीते आजमाएं
हर जूते के फीते एक जैसे नहीं होते. कुछ फीते पतले, गोल और चिकने होते हैं, जबकि कुछ चौड़े और फ्लैट होते हैं. अगर आपके जूते में चिकने गोल फीते हैं और वे बार-बार खुलते हैं, तो फ्लैट फीते आजमाकर देख सकते हैं. चौड़े फीते अक्सर थोड़े ज्यादा पकड़ वाले होते हैं, जिससे गांठ में घर्षण बढ़ता है और वह आसानी से ढीली नहीं होती. इसके अलावा बच्चों के लिए चौड़े और फ्लैट फीते पकड़ना और लूप बनाना भी अपेक्षाकृत आसान हो सकता है.
बार-बार खुलते हैं तो इन चीजों को जरूर देखें
अगर फीते बांधने के कुछ ही मिनट बाद खुल जाते हैं, तो सिर्फ गांठ को दोष न दें. पहले फीते की लंबाई, जूते की फिटिंग और फीते की स्थिति देखें. इसके बाद अपने बांधने के तरीके पर ध्यान दें. कई बार सिर्फ फीते थोड़े छोटे करने, उन्हें साफ रखने या गोल फीते की जगह फ्लैट फीते इस्तेमाल करने से समस्या कम हो सकती है. वहीं अगर हर बार गांठ बांधने के बाद भी फीते खुल रहे हैं, तो उन्हें बांधने का तरीका बदलकर देखें.
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