अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार (18 अप्रैल 2026) को कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दोबारा खुलने से काफी खुश हैं. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि राष्ट्रपति शी इस बात से खुश हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुल चुका है या तेजी से खुल रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि चीन में उनकी शी जिनपिंग के साथ होने वाली मुलाकात खास और संभवतः ऐतिहासिक हो सकती है.
ट्रंप ने आगे कहा कि वह इस बैठक को लेकर उत्साहित हैं और उन्हें उम्मीद है कि इस मुलाकात में कई अहम मुद्दों पर प्रगति होगी. उनका मानना है कि इस बातचीत से दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम रास्ता है, इसलिए इसके खुलने से न केवल चीन बल्कि कई अन्य देशों को भी राहत मिली है
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लेबनान में युद्धविराम के बाद बड़ा फैसला
लेबनान में युद्धविराम के बाद ईरान ने एक बड़ा फैसला लेते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कमर्शियल जहाजों के लिए खोल दिया है, लेकिन इसके साथ कुछ सख्त शर्तें भी लागू की गई हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, अब इस रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से अनुमति लेनी होगी. यानी बिना इजाजत कोई भी जहाज इस जलमार्ग से नहीं गुजर सकेगा. ईरानी अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस समझौते में अमेरिका द्वारा फ्रीज किए गए फंड को जारी करना भी शामिल है. यानी यह कदम केवल जहाजों की आवाजाही तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े स्तर पर बातचीत और समझौता भी हुआ है.
ईरान के विदेश मंत्रालय का बयान
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को सिर्फ वही रास्ता इस्तेमाल करना होगा, जो ईरान तय करेगा. इससे यह साफ है कि इस पूरे क्षेत्र पर ईरान अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है. नियमों के अनुसार, नागरिक यानी कमर्शियल जहाजों को ईरान के तय रास्तों से जाने की अनुमति होगी, लेकिन सैन्य जहाजों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई को राहत मिली है, लेकिन ईरान ने इस पर सख्त निगरानी और नियंत्रण भी कायम रखा है.
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