अगस्त 2026 भारतीय नौकरशाही के लिए एक ऐतिहासिक महीना साबित होने वाला है. देश के दो सबसे अहम प्रशासनिक पदों कैबिनेट सचिव और गृह सचिव के कार्यकाल एक साथ पूरे हो रहे हैं. पूरे देश की ब्यूरोक्रेसी की निगाहें इसी पर टिकी हैं कि इन दोनों सीटों पर कौन काबिज होगा. कैबिनेट सचिव देश के सबसे वरिष्ठ नौकरशाह होते हैं, जो सीधे प्रधानमंत्री के अधीन काम करते हैं, जबकि गृह सचिव देश की आंतरिक सुरक्षा और केंद्र-राज्य समन्वय की कमान संभालते हैं. इन दोनों पदों पर एक साथ बदलाव होना अपने आप में अनोखा है. तो आखिर सरकार किस दिशा में कदम बढ़ाएगी…
कैबिनेट सचिव: डॉ. टी.वी. सोमनाथन का कार्यकाल समाप्त
डॉ. टी.वी. सोमनाथन वर्तमान में भारत के कैबिनेट सचिव हैं. वे 1987 बैच के तमिलनाडु कैडर के IAS अधिकारी हैं. सोमनाथन ने 30 अगस्त 2024 को पदभार संभाला था और उनका दो साल का निर्धारित कार्यकाल 30 अगस्त 2026 को समाप्त हो रहा है.
सोमनाथन का कार्यकाल कई मायनों में खास रहा है. कैबिनेट सचिव बनने से पहले वे वित्त सचिव और व्यय सचिव जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं. माना जाता है कि उन्होंने ‘फाइल-पुशिंग’ वाली भूमिका से आगे बढ़कर दखल देने वाला रवैय्या रखा और सचिवों को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए निर्देश जारी किए.
क्या मिलेगा एक्सटेंशन?
इस पद पर रहने वाले अधिकारियों को पहले भी लंबा कार्यकाल मिला है. राजीव गौबा 30 अगस्त 2019 से 30 अगस्त 2024 तक यानी करीब 5 साल कैबिनेट सचिव रहे, जबकि उनसे पहले पी.के. सिन्हा चार साल तक इस पद पर रहे. इस परंपरा को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि सोमनाथन को एक साल का एक्सटेंशन मिल सकता है.
विटनेस इन द कॉरिडोर की 21 जुलाई 2026 की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सोमनाथन खुद एक्सटेंशन नहीं लेना चाहते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पद छोड़ने का संकेत दिया है. इसके पीछे दो बड़ी वजहें बताई जा रही हैं:
- ‘सिस्टम के कोर’ का अनुभव कर चुके हैं और अब आगे बढ़ना चाहते हैं.
- प्रशासन के बाहर कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही हो.
अगर नहीं मिला एक्सटेंशन तो कौन?
अगर सोमनाथन को एक्सटेंशन नहीं मिलता है, तो कैबिनेट सचिव पद के लिए 1989 बैच के IAS अधिकारियों में सबसे आगे एस. कृष्णन का नाम चल रहा है. एस. कृष्णन 1989 बैच के तमिलनाडु कैडर के IAS अधिकारी हैं. फिलहाल वे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव हैं. कृष्णन के पास 35 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है. हाल ही में उन्होंने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का ऐलान किया है. साथ ही मेटा के प्रधानमंत्री मोदी की पोस्ट हटाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है.
इसके अलावा, गोविंद मोहन का नाम भी चर्चा में है, लेकिन वे फिलहाल गृह सचिव हैं और उनका कार्यकाल भी अगस्त 2026 में समाप्त हो रहा है.
गृह सचिव: गोविंद मोहन का कार्यकाल समाप्त
गोविंद मोहन 1989 बैच के सिक्किम कैडर के IAS अधिकारी हैं. मोहन ने 22 अगस्त 2024 को गृह सचिव का पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल 22 अगस्त 2026 को समाप्त हो रहा है. गौरतलब है कि गोविंद मोहन का कार्यकाल पहले ही एक बार बढ़ाया जा चुका है.
गोविंद मोहन 30 सितंबर 2025 को रिटायर होने वाले थे लेकिन केंद्र सरकार ने जुलाई 2025 में उनका कार्यकाल 22 अगस्त 2026 तक बढ़ा दिया. यह एक्सटेंशन ऐसे समय में दिया गया जब देश जाति-आधारित जनगणना की तैयारी कर रहा था और गृह मंत्रालय माओवाद को खत्म करना चाहता था.
गृह सचिव पद के लिए उम्मीदवार कौन?
गृह सचिव पद के लिए 1989 बैच के कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं. यह फैसला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि गृह मंत्रालय आंतरिक सुरक्षा, केंद्र-राज्य समन्वय, सीमा प्रबंधन और कई प्रमुख सुधारों की जिम्मेदारी संभालता है.
1989 बैच के किन IAS अधिकारियों को मौका मिल सकता है?
अगर कैबिनेट सचिव और गृह सचिव दोनों पदों पर नई नियुक्तियां होती हैं, तो 1989 बैच के इन 8 अधिकारियों को मौका मिल सकता है:
- अटल दुल्लू: 1989 बैच, यूटी कैडर. फिलहाल जम्मू और कश्मीर के मुख्य सचिव हैं. इससे पहले वे गृह मंत्रालय में तैनात रहे हैं.
- अंशुली आर्या: 1989 बैच, बिहार कैडर. फिलहाल गृह मंत्रालय में सचिव (आधिकारिक भाषा) के पद पर तैनात हैं.
- कतिकिथला श्रीनिवास: 1989 बैच, गुजरात कैडर. फिलहाल आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय में सचिव हैं.
- मनोज जोशी: 1989 बैच, केरल कैडर. फिलहाल रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्यूटिकल्स विभाग में सचिव हैं.
- राजेश अग्रवाल: 1989 बैच, महाराष्ट्र कैडर. फिलहाल महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिव हैं.
- शशि प्रकाश गोयल: 1989 बैच, उत्तर प्रदेश कैडर. फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव हैं.
- शालिनी रजनीश: 1989 बैच, कर्नाटक कैडर. फिलहाल कर्नाटक सरकार की मुख्य सचिव हैं.
- जी. नरेंद्र कुमार: 1989 बैच, यूटी कैडर. फिलहाल राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान (NIRD), हैदराबाद के महानिदेशक हैं.
2026 में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
कैबिनेट सचिव और गृह सचिव के अलावा 2026 में करीब दो दर्जन सचिव-स्तरीय पदों पर बदलाव होने की संभावना है. जुलाई में ही श्रम और रोजगार सचिव वंदना गुरनानी, पंचायती राज सचिव विवेक भारद्वाज और सांख्यिकी सचिव सौरभ गर्ग का कार्यकाल समाप्त हो चुका है. सितंबर में पर्यावरण सचिव तन्मय कुमार और अक्टूबर में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल समाप्त होगा.
