आजमगढ़ के अतरौलिया में भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अब सीजेपी के सहारे ही चुनाव लड़ना चाहती है क्योंकि उनके पास अब न कार्यकर्ता हैं ना प्रत्याशी ना ही वोटर बचे हैं.
‘मुस्लिम- यादव सपा से नाराज’
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सोशल मीडिया पर जिस तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, उससे उन्हें लगता है कि अखिलेश यादव के कारनामे से मुस्लिम और यादव समाज के लोग नाराज हैं. अखिलेश यादव के ‘तिलचट्टों के सहारे सरकार बनाने’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आज समाजवादी पार्टी खुद सहयोगी दलों के सहारे खड़ी है.
‘AC रूम में बैठकर सरकार बनाने का सपना देख रहे’
अखिलेश यादव की कार्यशैली पर हमला बोलते हुए राजभर ने कहा कि मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव साइकिल लेकर गांव-गांव घूमते थे, लेकिन अखिलेश यादव एसी में बैठकर कमरे में ही सरकार बनाने के सपने देख रहे हैं.
समाजवादी पार्टी के PDA नारे पर भी ओमप्रकाश राजभर ने कहा ‘P’ से पहला 2017 में चुनाव हारे, ‘D’ से दूसरा2022 में चुनाव हारे और ‘A’ से अब 2027 में चुनाव हारेंगे.
‘तिलचट्टों से मांग रहे मदद’
बता दें कि इससे पहले भी राजभर ने एक्स हैंडल पर पोस्ट के जरिए सपा प्रमुख पर निशाना साधा था. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “सुने हैं कि आप अभिजीत नक्षत्र में दीपक जलाने की कोशिश कर रहे हैं. इसी बीच आपके घर में ‘तिलचट्टे’ आने लगे, वो भी मुंह बांध के. टीवी में तो दिखाता है कि ‘लाल’ वाला स्प्रे तिलचट्टों को खत्म करने के लिए होता है, यहां तो ‘लाल’ वाले खुद ही तिलचट्टों से मदद मांग रहे हैं? बताइए भला. अपने कंसवादी लोडरों पर इतना भी भरोसा नहीं है कि जो अब ‘तिलचट्टों’ का साथ ले रहे हैं?”
राजभर ने आगे लिखा,” आपके पिता और चच्चू एतना मेहनत किये! गांव-गांव साइकिल क पैडल मार-मार के समाजवादी पार्टी चलाए, यही दिन देखने के लिए? कि बेटवा एसी में बइठ के तिलचट्टन के भरोसे सरकार बनाएगा? अब पता चल गया कि आप भी रील बाज तिलचट्टन के बल पर राजनीति करने वाले हैं.”
‘चांदी के चम्मच लेके हुए पैदा’
सुभासपा प्रमुख ने ये भी लिखा, “आप चांदी के चम्मच वाले हैं, विदेशी ताकत और अकूत पैसे के बल पर सत्ता का खेल आपकी पुरानी आदत है. आपके सैफई सिंडिकेट के बच्चे तो विदेश में पढ़ते हैं, लंदन-पेरिस घूमते हैं, मगर यही बिनती है कि अपने गांव-देहात के यादव और गरीब जोलहा-पसमांदा मुस्लिम युवाओं को ऐसी आग में मत झोंकिएगा कि उनका और उनके परिवार का भविष्य तबाह हो जाए.”
