यूरोप एक अजीब से संकट का सामना कर रहा है. यहां यात्री विमानों को लगातार धमकियां मिल रही हैं. यह धीरे-धीरे पूरे महाद्वीप और मीडिया संस्थानों तक पहुंच गया है. सप्ताह के शुरुआत में दर्जनों फ्लाइट को धमकियां मिली. इसके चलते कई यूरोपीय देशों में विमान का रास्ता बदलना पड़ा. इमरजेंसी सुरक्षा जांच करनी पड़ी. लड़ाकू विमानों को एस्कॉर्ट के लिए तैनात करना पड़ा.
शुक्रवार को 6 नवंबर को यह संकट तब और गंभीर हो गया, जब रॉयटर्स ने बताया कि आयरिश प्रसारक RTE, ब्रिटेन के स्काई और बुल्गारिया के नोवा टीवी जैसे मीडिया संस्थानों को भी सुरक्षा धमकियां मिली. इसके चलते कई जगह को खाली कराना पड़ा. साथ ही ब्रॉडकास्ट सर्विस में भी बाधा आई. न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, हंगरी में तीन यात्री विमानों की सुरक्षा के लिए लड़ाकू विमानों को भेजा गया है. इन्हें धमकियां मिली थी.
अब तक नहीं मिला किसी तरह का विस्फोटक
फ्रांस के अधिकारियों ने चार धमकियों की पुष्टी की है. हालांकि, जांच में किसी तरह का विस्फोटक नहीं मिला है. इस संकट में एक जियोपॉलिटिक्ल पहलू भी सामने आया है. रॉयटर्स ने बताया कि एक धमकी भरे ईमेल में भेजने वाले ने अपना नाम मिखाइल एंड्रोपोव बताया है. इन धमकियों की जिम्मेदारी ली है.
हालांकि भेजने वाले की पहचान, ईमेल कहां से भेजा गया है, इन घटनाओं के बीच किसी तरह का रिश्ता नहीं है. इसकी भी अभी पुष्टी नहीं हो सकी है.
यूरोपीय अधिकारी जांच में जुटे हुए हैं
इधर, यूरोपीय अधिकारी इस मामले की जांच में जुटे हैं. ताकि पता लगाया जा सके कि यह धमकियां किसी तरह के सुनियोजित ऑपरेशन का हिस्सा तो नहीं है. इसका मकसद आवश्यक सर्विस को बाधित करना और पूरे महाद्वीप में डर का माहौल पैदा करना है.
यात्री विमानों से लेकर मीडिया संस्थानों तक बम की धमकी मिलने के बाद यूरोपीय नेताओं और सुरक्षाकर्मियों ने बढ़ती अव्यवस्था पर चिंता जाहिर की है. कुछ लोगों ने कहा है कि ये घटनाएं डराने धमकाने के किसी भी ऑपेरशन का हिस्सा हैं.
इधर, स्पेन ने इसे हाइब्रिड एग्रेशन यानी मनोवैज्ञानिक युद्ध की संभावना के तौर पर देखा है. आयरलैंड ने जनता से शांत रहने की अपील भी की है.
