दिल्ली में छात्रों का आंदोलन समाप्त हुआ तो अब झारखंड में शुरू हो गया है. इस बीच बिहार की राजधानी पटना में भी कुछ छात्र धरना पर बैठक गए हैं. इन छात्रों की मांग है कि बिहार में शिक्षक बहाली से पहले STET की परीक्षा ली जाए. सम्राट सरकार को चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं हुआ तो पूरे बिहार में आंदोलन तेज होगा.
आज (गुरुवार) बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के गेट पर सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की. कई शिक्षक अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर टीआरई-4 से पहले एसटीईटी का आयोजन होता है तो वे भी शिक्षक बहाली में हिस्सा ले सकेंगे.
साल में दो बार एसटीईटी का किया गया था वादा
छात्रों का कहना था कि सरकार साल में दो बार एसटीईटी लेने का वादा किया था लेकिन 2025 में एक बार परीक्षा हुई और 2026 में एक बार भी नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार नहीं सुनेगी तो हम लोग कहां जाएंगे?
टीआरई-4 के लिए भेजी गई अधियाचना
बता दें कि टीआरई-4 से पहले भले एसटीईटी के एग्जाम को लेकर छात्रों ने आंदोलन शुरू किया है लेकिन चौथे चरण की शिक्षक भर्ती को लेकर सम्राट सरकार की ओर से बीपीएससी को अधियाचना भेजी जा चुकी है.
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हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए जानकारी दी थी कि 32,388 पदों पर परीक्षा लेने का निर्णय लिया गया है. बीपीएसी को अधियाचना भेज दी गई है. हालांकि इस बहाली को लेकर भी छात्र आंदोलन कर रहे हैं. शिक्षक अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार ने पहले कहा था कि 46,000 पदों पर बहाली होगी. अब 32 हजार पदों की बात कही जा रही है.
छात्र नेताओं ने सरकार को आगाह किया है कि पदों की संख्या बढ़ाई जाए नहीं तो आंदोलन होगा. इस बीच अब STET की मांग पर भी छात्रों का आंदोलन शुरू हो गया है. इस तरह सम्राट सरकार की टेंशन बढ़ती दिख रही है.
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