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इधर चल रहा US-ईरान युद्ध, उधर उत्तर कोरया ने किया खतरनाक मिसाइलों का परीक्षण, जानिए क्या है किम जोंग का प्लान


उत्तर कोरिया ने रविवार को अपने विध्वंसक पोत चोए ह्योन से रणनीतिक क्रूज मिसाइलों और एंटी वॉरशिप मिसाइलों का एक और परीक्षण किया. यह जानकारी मंगलवार (14 अप्रैल) को राज्य मीडिया कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KNCA) ने दी. रिपोर्ट के अनुसार, उनके सर्वोच्च नेता किम जोंग उन भी इस दौरान मौजूद रहे. उन्होंने सीनियर रक्षा अधिकारियों और नौसेना कमांडरों के साथ परीक्षण का निरीक्षण किया.

KNCA के मुताबिक, इस परीक्षण का मकसद वॉरशिप के इंटीग्रेटेड  हथियार कमांड सिस्टम की जांच करना, क्रू मिसाइल लॉन्च प्रक्रिया की ट्रेनिंग और अपग्रेड नेविगेशन सिस्टम की जांच और एंटी-जैमिंग प्रदर्शन को वेरिफाई करना था. इसके लिए दो रणनीतिक क्रूज मिसाइलें और तीन एंटी-वॉरशिप-रोधी मिसाइलें दागी गईं. मिसाइलों ने ‘अल्ट्रा-प्रिसिजन’ सटीकता के साथ टारगेट को तबाह कर दिया.

देश के पश्चिमी तट के पास के क्रूज मिसाइलें लगभग 7,869 से 7,920 सेकंड तक और एंटी-वॉरशिप मिसाइलें लगभग 1,960 से 1,973 सेकंड तक उड़ान भरती रहीं. रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अपने टारगेट को बेहद सटीकता से भेदा. KNCA ने बताया कि किम को उसी दिन निर्माणाधीन दो और विध्वंसक जहाजों के लिए वेपन सिस्टम योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई, जो चोए ह्योन श्रेणी के तीसरे और चौथे जहाजों की तैयारियों का संकेत देती हैं.

किम जोंग के सख्त निर्देश

किम जोंग उन ने कहा कि उनकी सबसे पहली प्राथमिकता देश की परमाणु शक्ति (Nuclear Power) को बढ़ाना है ताकि कोई उन पर हमला न कर सके. उन्होंने अपनी सेना से हमले के लिए तैयार रहने और किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए कहा है.

नए विध्वंसक पोतों का निर्माण

प्योंगयांग ने इससे पहले अप्रैल 2025 में 5000 टन के चोए ह्योन कैटेगरी के युद्धपोत पर पहला परीक्षण किया था और जून में किम ने 2026 में दो अतिरिक्त विध्वंसक पोत बनाने और हर साल इसी या ज्यादा एडवांस कैटेगरी के दो शिप को शामिल करने की योजना की घोषणा की.

प्रोफेसर लिम यूल चुल के मुताबिक, सरकार ने पहली बार आधिकारिक तौर पर यह मान लिया है कि वे चौथे विनाशकारी युद्धपोत (Destroyer Ship) को बना रहे हैं. इससे पहले सिर्फ इसके बारे में चर्चाएं होती थीं, लेकिन अब इसकी पक्की पुष्टि हो गई है.

लिम ने कहा, ‘तीसरे और चौथे विध्वंसक पोतों का जिक्र यह दिखाता है कि उत्तर कोरिया अलग-थलग प्लेटफार्मों को तैनात करने के बजाय विध्वंसक पोतों के बेड़े के गठन में तेजी ला रहा है. उन्होंने आगे कहा कि प्रारंभिक परीक्षण सफल होने के बाद आमतौर पर तेजी से उत्पादन शुरू हो जाता है.

‘पूरा बेड़ा होगा तैयार’

प्रोफेसर लिम का कहना है कि उत्तर कोरिया अब केवल इक्का-दुक्का युद्धपोत नहीं बना रहा, बल्कि वह बहुत तेजी से इन जहाजों का एक पूरा बेड़ा तैयार कर रहा है. उनका मानना है कि शुरुआती टेस्ट सफल होने के बाद, अब उत्तर कोरिया ने बड़े पैमाने पर इनका उत्पादन शुरू कर दिया है.

वैश्विक अस्थिरता का फायदा

प्रोफेसर लिम का कहना है कि दुनिया का ध्यान इस समय मिडिल ईस्ट के युद्धों पर है. उत्तर कोरिया इसी मौके का फायदा उठा रहा है. वह सोचता है कि जब दुनिया दूसरी तरफ व्यस्त है, तब चुपचाप अपने परमाणु हथियारों और उन्हें ले जाने वाली मिसाइलों को इतना ताकतवर बना लिया जाए कि फिर उन्हें कभी खत्म न किया जा सके.

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