- ईरान ने होर्मुज में आवाजाही रोकी, वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित।
पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान को लेकर कई हफ्तों तक आक्रामक बयानबाजी के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब युद्ध से बाहर निकलने के ऐसे रास्ते तलाशते नजर आ रहे हैं, जिसे खत्म करना उनकी उम्मीद से कहीं मुश्किल साबित हुआ है. अब राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के साथ परमाणु मुद्दे को किनारे रखकर युद्ध में अपनी जीत की घोषणा करने को तैयार हो सकते हैं, बशर्ते ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से पूरी तरह से स्वतंत्र नौवहन के लिए खोल दे.
युद्ध के जाल से निकल नहीं पा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति
द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस तरह के संभावित नतीजे के लिए कई हफ्तों तक मशक्कत की है और अपने वरिष्ठ सहयोगियों से निजी तौर पर कहा है कि वह तेहरान के साथ परमाणु समझौता किए बिना भी युद्ध से खत्म कर सकते हैं, लेकिन युद्ध से निकलने की उनकी इस संभावित तरकीब पर भी अब पूरी होने में मुश्किल खड़ी हो गई है, क्योंकि ईरान ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से खोलने के लिए मांगों की एक लंबी लिस्ट ट्रंप के सामने लाकर रख दी है.
दरअसल, तेहरान ने अमेरिका के सामने अरबों डॉलर के भुगतान, अमेरिकी नौसैनिक की नाकेबंदी खत्म करने, इलाके से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ कई और रियायतों की मांगों की लिस्ट रख दी है.
होर्मुज के रास्ते युद्ध से निकलने की थी ट्रंप की योजना
लंबे समय से दुनिया के सबसे ताकतवर देश के खिलाफ जारी युद्ध में मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही कम करने की ईरान की क्षमता ने उसे काफी प्रभावी रूप से बढ़त दिलाई है. ईरान के इस कार्रवाई से दुनियाभर के कमर्शियल जहाजों की स्ट्रेट से आवाजाही धीमी पड़ गई और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हड़कंप मच गया. इससे तेल और गैस की कमी और तेल के दामों में बढ़त की समस्या सामने आने लगी.
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ व्यापक रूप से कार्रवाई करने के बाद हाल के हफ्तों में बार-बार यह दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से स्वतंत्र नौवहन के लिए खुला है, लेकिन उनके ये दावे प्रीमैच्योर साबित हुए. क्योंकि ईरान ने UAE के एक जहाज पर मिसाइल से हमला कर दिया. इसके बाद ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से खोलने के लिए ट्रंप के सामने कई शर्तें रख दी.
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