चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (CAS) एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपनी आखिरी उड़ान भरी. इस दौरान वह भावुक भी नजर आए. उन्होंने एचजेटी किरण एमके-1 ट्रेनर एयरक्राफ्ट के साथ अपने फ्लाइंग अध्याय को पूरा किया. 55 मिनट की यह उड़ान बेहद खास रही.
सीएएस ने अपने पहले फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर विंग कमांडर वी एस कोचर के साथ उड़ान भरी. जिस विमान से उन्होंने उडा़न भरी, उसका टेल नंबर U-707 था.
यह एक सपने जैसा था: CAS एपी सिंह
इस मौके एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि यह सच में एक सपने के सच होने जैसा है. मैंने अपना सफर इसी विमान से शुरू किया था. मुझे लगता है कि मैं शायद इकलौता ऐसा चीफ हूं, जो रिटायर हो रहा है, जबकि वह शुरुआती विमान जिसे उसने उड़ाया था, वो आज भी सर्विस में है. मैं अपने इंस्ट्रक्टर विंग कमांडर कोचर का आभारी हूं.
VIDEO | Hyderabad, Telangana: Air Chief Marshal AP Singh undertakes final sortie with his former instructor, retired Wing Commander V S Kochar, at the Air Force Academy in Dundigal. Singh says, “It was really a dream come true. I started my journey with the same aircraft. I think I must be the only Chief who is retiring while the basic aircraft he flew is still serving. I am very grateful to my instructor, Wing Commander Kochar, who taught me flying in the beginning at this very place. I just wanted the circle to be complete. I did my first sortie on January 28, 1984, at this very place with him in a Kiran aircraft, and today, I did my last sortie in uniform with him in the same Kiran aircraft.” Retired Wing Commander V S Kochar says, “He was the brightest pupil ever. My dream has also come true to get one more trip. I am 73 now, so getting another trip with him is special. He is the best person ever in this world.” (Full video available on PTI Videos – https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) October 20, 2026
सिंह ने कहा, ‘इन्होंने मुझे शुरुआत में इसी जगह पर उड़ान भरना सिखाया था. मैं बस यही चाहता था कि यह सफर पूरा हो जाए. मैंने 28 जनवरी 1984 को इसी जगह पर उनके साथ किरण विमान में अपनी पहली उड़ान भरी थी. आज मैंने उन्हीं के साथ उसी किरण विमान में अपनी आखिरी उड़ान भरी.
अबतक के सबसे होनहार छात्र थे: वीएस कोचर
इस मौके पर विंग कमांडर (रिटायर्ड) वीएस कोचर ने कहा कि वह अबतक के सबसे होनहार छात्र थे. उनके साथ एक और उड़ान भरने का मेरा सपना भी सच हो गया है. मैं अब 73 साल का हूं. इसलिए उनके साथ एक और उड़ान भरना बहुत खास है. वह इस दुनिया के सबसे बेहतरीन इंसान हैं.
CAS ने फ्लाइंग करियर का शानदार अध्याय पूरा किया
इधर, इंडियन एयरफोर्स ने कहा है कि इस उड़ान के साथ सीएस ने अपने फ्लाइंग करियर का एक शानदार अध्याय पूरा किया. वे अपने साथ अनुभव, अनुशासन और प्रतिबद्धता लेकर आगे बढ़ रहे हैं. इसने भारतीय वायुसेना के साथ उनके जुड़ाव को परिभाषित किया है.
