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ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री रीसिंग से मुलाकात, जयशंकर बोले- ‘हमारे सहयोग का लंबा इतिहास..’


विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अपने ऑस्ट्रिया के समकक्ष बीटे मेनल रीसिंग के साथ बाइलेटरल मीटिंग की है. विदेश मंत्री ने कहा है कि दुनिया के लिए यह एक जटिल दौर है. ऐसे में यह स्वभाविक है कि भारत-ऑस्ट्रिया, जिनके बीच बहुत ही सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण  संबंध है. वे कई मुद्दों पर चर्चा करें. देखें कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में हम मिलकर कैसे योगदान दे सकते हैं.

UN में हमारे सहयोग का इतिहास रहा है: जयशंकर 

एस जयशंकर ने आगे कहा कि मैं इस अवसर पर आपको संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बनने के लिए बधाई देना चाहता हूं. संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के भीतर हमारे सहयोग का एक लंबा इतिहास रहा है.

जाहिर है कि हम इसे आगे भी जारी रखना चाहेंगे. जहां तक हमारे आर्थिक सहयोग की बात है, यह अच्छा चल रहा है, लेकिन इसमें और भी बेहतर होने की गुंजाइश है.

FTA को अंतिम रूप देने की उम्मीद

उन्होंने आगे बताया कि  इसके अलावा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, जलवायु संबंधी मुद्दों और लोगों के बीच आपसी संबंधों को लेकर भी हमारा आदान-प्रदान गहरा हो रहा है. साथ ही, यूरोपीय संघ के साथ भी हमारे संबंध काफी मजबूत हुए हैं. हमें उम्मीद है कि आने वाले महीनों में FTA (मुक्त व्यापार समझौता) को अंतिम रूप दे दिया जाएगा और यह लागू हो जाएगा. हमारी रणनीतिक और सुरक्षा-रक्षा साझेदारी भी आगे बढ़ रही है. मुझे लगता है कि हमारे पास चर्चा के लिए एक अच्छा एजेंडा है. एक बार फिर, आपका हार्दिक स्वागत है.

विदेश मंत्री ने साझा की मुलाकात की तस्वीर
एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि विदेश मंत्री बीटे मेनिल रीसिंगर से मिलकर खुशी हुई है. हमने अपनी मजबूत होती साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की. इनमें व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचा, तकनीक, शिक्षा और संस्कृति शामिल हैं. इसके अलावा स्टार्टअप, अंतरिक्ष, कौशल विकास और मोबिलिटी के क्षेत्र में नए अवसरों पर बात हुई. 

 



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