दिग्गज टेक कंपनी ओरेकल (Oracle) ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है. 14 सितंबर को कंपनी ने कई कर्मचारियों को बताया कि उनके पद को खत्म कर दिया गया है. इस छंटनी का सबसे बड़ा असर भारत में पड़ने की आशंका जताई जा रही है, जहां हजारों कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है. अचानक हुई इस छंटनी के बाद इससे प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवार का दर्द छलक पड़ा है.
ओरेकल से निकाले जाने पर पत्नी ने बयां किया दर्द
LinkedIn पर पूजा साहू नाम की यूजर ने अपने पति सौरभ का दर्द बयां किया, जिनकी जॉब ओरेकल में थी. उन्होंने बताया, ‘मेरे पति ने अपने 12 साल इस कंपनी को दिए. उन्होंने दीवाली, जन्मदिन और सालगिरह जैसे मौकों पर भी काम किया. छुट्टियों में भी काम के लिए उपलब्ध रहे. यहां तक कि अपनी पत्नी की सर्जरी के दौरान अस्पताल से भी काम किया. सबसे दुख की बात ये है कि उन्हें अपनी नौकरी जाने का पता तब चला जब वे काम के लिए अपना सिस्टम ऑन कर रहे थे तो नहीं हुआ.’ उन्होंने लिखा कि यह पोस्ट उन सभी लोगों के लिए है जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं.
ओरेकल में क्यों हुई छंटनी?
इसी तरह अनन्या शर्मा (7 साल से कार्यरत) और शिवानंद शेनॉय जैसे अन्य कर्मचारियों ने भी अचानक हुई छंटनी के बाद दुख जाहिर किया. उन्होंने अपने नेटवर्क से नई नौकरियों के लिए मदद भी मांगी है. ओरेकल वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान अपने वैश्विक कार्यबल में पहले ही लगभग 21,000 (13 फीसदी) की कमी कर चुकी है. इसके अलावा, इसी साल की शुरुआत में कंपनी ने दुनिया भर में लगभग 30,000 छंटनी की थी, जिनमें से करीब 12,000 भारत से थे.
तकनीक के क्षेत्र में एआई (AI) और ऑटोमेशन के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने नौकरियों पर खतरा और बढ़ा दिया है. कंपनियां अब अपनी प्राथमिकताओं को बदलकर नई तकनीकों के हिसाब से अपनी टीम को नया आकार दे रही हैं. बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक सिस्टम से बाहर कर दिए जाने और नौकरियां छिन जाने से कर्मचारियों के सामने अपने करियर और भविष्य को लेकर गहरी अनिश्चितता खड़ी हो गई है.
