बवासीर यानी पाइल्स एक आम समस्या है, जिसमें गुदा या मलाशय के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है. कब्ज व मल त्याग के दौरान ज्यादा जोर लगाना, लंबे समय तक टॉयलेट में बैठना और कम फाइबर वाला खाना इसके प्रमुख कारणों में शामिल होते हैं. बवासीर होने पर दर्द, खुजली, जलन और मल के साथ खून आने जैसी परेशानी होती है. आमतौर पर बवासीर को दो मुख्य प्रकारों में बांटा जाता है. पहला आंतरिक बवासीर और दूसरा बाहरी बवासीर. दोनों के लक्षण और परेशानी अलग-अलग होते हैं. ऐसे में जानिए कब बवासीर में हो जाता है जान का खतर.
आंतरिक बवासीर क्या होती है?
आंतरिक बवासीर मलाशय के अंदर की नसों में होती है. शुरुआत में इसमें दर्द कम या बिल्कु नहीं होता, लेकिन मल त्याग के समय ताजा लाल खून दिखाई दे सकता है. कई बार बवासीर की नसें इतनी बढ़ जाती हैं कि वे गुदा के बाहर आने लगती हैं. आंतरिक बवासीर को उसकी गंभीरता के आधार पर चार ग्रेड में भी बांटा जाता है. शुरुआती ग्रेड में नसें अंदर ही रहती हैं, जबकि आगे के ग्रेड में वे बाहर निकलने लगती हैं और कभी-कभी उन्हें हाथ से अंदर भी करना पड़ता है.
बाहरी बवासीर क्या होती है?
बाहरी बवासीर गुदा के बाहर की नसों में सूजन के कारण होती है. इसमें दर्द, खुजली और सूजन ज्यादा महसूस होती है. कुछ मामलों में नस के अंदर खून का थक्का बन जाता है, जिसे Thrombosed Hemorrhoid कहा जाता है. इस स्थिति में अचानक तेज दर्द और गुदा के पास गांठ जैसा महसूस होने लगता है. हालांकि यह आमतौर पर जानलेवा नहीं होती, लेकिन तेज दर्द या अचानक हुई सूजन में डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है.
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क्या बवासीर से जान का खतरा होता है?
सामान्य बवासीर आमतौर पर जानलेवा बीमारी नहीं होती. लेकिन इसे लंबे समय तक नजरअंदाज करना ठीक नहीं है. खासकर अगर लगातार या बहुत ज्यादा खून निकल रहा हो, तो शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया हो सकता है. वहीं हर बार मल के साथ खून आने का कारण बवासीर ही हो, यह जरूरी नहीं है. फिशर, आंतों की दूसरी बीमारियां और कुछ मामलों में कैंसर भी रक्तस्राव का कारण हो सकता है. इसलिए बार-बार खून आने पर केवल बवासीर मानकर खुद से इलाज करना सही नहीं है.
कब डॉक्टर को दिखाएं?
अगर गुदा से लगातार या ज्यादा मात्रा में खून निकल रहा है, चक्कर या कमजोरी महसूस हो रही है, बेहोशी जैसा लग रहा है, तेज दर्द है या काला मल आ रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से सहायता लेनी चाहिए. वहीं अगर कई दिनों से कब्ज, दर्द, खुजली या मल के साथ खून आने की समस्या बनी हुई है, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है. बवासीर से बचने के लिए कब्ज को रोकना सबसे जरूरी है. खाने में फाइबर वाली चीजें जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें शामिल करें. पर्याप्त पानी पिएं और मल त्याग के समय ज्यादा जोर न लगाए.
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