उत्तर प्रदेश की राजनीति में अभय सिंह, खब्बू तिवारी और धनंजय सिंह जैसे नामों की चर्चा अक्सर होती रहती है. इन नेताओं के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत और आपसी विवाद भी सुर्खियों में रहे हैं. इसी बीच अभय सिंह ने खब्बू तिवारी के खिलाफ दर्ज मुकदमे और उनकी मार्कशीट को लेकर लगाए जाने वाले आरोपों पर अपनी बात रखी है. उन्होंने साफ कहा कि जिस समय खब्बू तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ, उस समय वह अयोध्या में रहते भी नहीं थे.
अभय सिंह ने बताया कि खब्बू तिवारी के खिलाफ साल 1990 में मुकदमा दर्ज हुआ था. उस समय वह जौनपुर में ग्यारहवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे थे. अभय सिंह ने कहा कि खब्बू तिवारी उनसे दो-तीन साल सीनियर थे और उस समय वह 11वीं कक्षा में पढ़ते थे. उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह अयोध्या में ही नहीं रहते थे तो इस मुकदमे में उनकी क्या भूमिका हो सकती है.
‘माफी मांगकर ही आएं अयोध्या’, अखिलेश के राम मंदिर दौरे से पहले बोले CM योगी
यूपी तक से बात करते हुए अभय सिंह ने कहा, “माननीय खब्बू तिवारी जी के ऊपर जो मुकदमा कायम हुआ, 1990 में कायम हुआ. तब मैं अयोध्या में रहता ही नहीं था. तब मैं उस समय जौनपुर में ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ता था. वह हमसे वरिष्ठ, हमसे सीनियर हैं. दो तीन साल सीनियर हैं. तो मैं तब जौनपुर में पढ़ रहा था. क्लास इलेवेंथ में था, जब उन पर मुकदमा कायम हुआ और त्रिपाठी जी प्रधानाचार्य थे. उन्होंने मुकदमा कायम कराया. तो इसमें मेरा कौन सा रोल है?”
त्रिपाठी जी ने दर्ज कराया था मुकदमा
अभय सिंह ने इस मामले में अपनी भूमिका से इनकार करते हुए कहा, “यह मुकदमा त्रिपाठी जी ने दर्ज कराया था. इस मामले में वादी त्रिपाठी जी ही थे. हमारा इसमें क्या रोल था? इसे स्टेट वर्सेज खब्बू तिवारी कहा जाता है, न कि अभय सिंह वर्सेज खब्बू तिवारी. त्रिपाठी जी उस समय प्रधानाचार्य हुआ करते थे. उन्होंने ही खब्बू तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. आरोप था कि फर्जी मार्कशीट बनवाकर उन्होंने एडमिशन लिया और उसके आधार पर चुनाव भी जीता.”
अभय सिंह ने मुकदमे के पीछे की वजह बताते हुए कहा, “इस मामले में इन लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. इसमें कृपानिधान तिवारी जी और एक यादव जी भी शामिल थे, जो उस समय शासन में नेता थे. बताया जाता है कि चंदा वसूलने को लेकर इन लोगों के बीच विवाद हुआ था, जिससे प्रिंसिपल साहब नाराज हो गए थे. इसके बाद उन्होंने खब्बू तिवारी की मार्कशीट की जांच कराई. जांच में मार्कशीट फर्जी पाए जाने के बाद त्रिपाठी जी ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था.”
चुनाव में हार-जीत को लेकर क्या बोले अभय सिंह?
बातचीत के दौरान अभय सिंह से 2012 और 2017 के विधानसभा चुनावों का भी जिक्र किया गया. अभय सिंह ने कहा, “नहीं, राजनीति में लोग जीतते और हारते रहते हैं. कोई अकेला आदमी ही थोड़े न हारता है. बड़े-बड़े नेता भी चुनाव हारते रहते हैं.”
‘माफी मांगकर ही आएं अयोध्या’, अखिलेश के राम मंदिर दौरे से पहले बोले CM योगी
अभय सिंह ने खब्बू तिवारी के चुनाव से बाहर होने के बाद कहा, “यह निर्णय भारतीय जनता पार्टी का काम है. हमने कहा ना अब मैं भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हूं और बताना चाहता हूं भारतीय जनता पार्टी के लिए समाधान हूं, समस्या नहीं हूं.”
