छत्तीसगढ़ के इतिहास में इस वर्ष का 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) बेहद खास और ऐतिहासिक होने जा रहा है. राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के जिन इलाकों को कभी माओवादियों का अभेद्य गढ़ माना जाता था, वहां आजादी के दशकों बाद पहली बार शान से तिरंगा फहराया जाएगा. राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया है कि ऐसे 92 गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां यह ऐतिहासिक क्षण देखने को मिलेगा. इसके साथ ही, राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
अधिकारियों के मुताबिक, हाल के वर्षों में सात जिलों वाले बस्तर संभाग के अति सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के नए शिविर (कैंप) स्थापित किए गए हैं. इन सुरक्षा शिविरों की स्थापना के बाद ही इन इलाकों में ऐसा सुरक्षित माहौल बन पाया है कि अब वहां के निवासी निर्भय होकर राष्ट्रीय पर्व मना सकेंगे. 31 मार्च को राज्य के कई इलाकों को माओवादी खतरे से मुक्त घोषित किए जाने के बाद यह एक बड़ी उपलब्धि है. जिन 92 गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहरेगा, उनमें बीजापुर जिले के 33, सुकमा के 50 और नारायणपुर जिले के 9 गांव शामिल हैं. यह इस बात का प्रमाण है कि मुख्यधारा का विकास अब बस्तर के अंदरूनी जंगलों तक पहुंच रहा है.
जिन कदमों ने कभी पकड़ी थी नक्सल की राह,उन्हीं ने अब रैंप पर रची नई दास्तां
मुख्यमंत्री रायपुर में, तो डिप्टी सीएम बस्तर में फहराएंगे झंडा
स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में ध्वजारोहण करेंगे और सुरक्षा बलों की विभिन्न टुकड़ियों से ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ की सलामी लेंगे. इसके अलावा, राज्य विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में, उपमुख्यमंत्री अरुण साव दुर्ग में और दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में तिरंगा फहराएंगे. केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बिलासपुर में आयोजित मुख्य समारोह में शामिल होकर ध्वजारोहण करेंगे.
मस्जिदों और मदरसों के लिए वक्फ बोर्ड का सख्त निर्देश
इस बीच, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने भी एक कड़ा और स्पष्ट निर्देश जारी किया है, जिसकी काफी चर्चा हो रही है. बोर्ड ने राज्य की सभी मस्जिदों, मदरसों, दरगाहों और खानकाहों में 15 अगस्त को अनिवार्य रूप से राष्ट्रध्वज फहराने का आदेश दिया है. वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने स्पष्ट किया कि सभी मुतवल्लियों (वक्फ संपत्तियों के प्रबंधकों) को पत्र भेजकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा गया है.
निर्देशों के अनुसार, मस्जिदों और इमामबाड़ों में तिरंगा फहराने के साथ-साथ राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत भी गाए जाएंगे. डॉ. सलीम राज ने चेतावनी देते हुए कहा, “जो लोग इन निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जो लोग हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का सम्मान नहीं कर सकते, उन्हें इस देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है; वे पाकिस्तान या जहां चाहें, वहां जाने के लिए स्वतंत्र हैं. भारत में रहना है तो कानून का पालन करना ही होगा.”
हथकरघा हमारी संस्कृति, रोजगार और आत्मनिर्भरता की सशक्त पहचान – CM विष्णुदेव साय
