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सिरोही: रामझरोखा मंदिर के पीछे की जमीन के पट्टों को लेकर विवाद


रामझरोखा मंदिर के पीछे की जमीन के पट्टों को लेकर सिरोही में सियासी विवाद लगातार गरमाता जा रहा है. पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की ओर से लगाए गए आरोपों पर पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने पलटवार किया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में देवासी ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि मंदिर की जमीन के पट्टे जारी करने या उनकी खरीद में उनका कोई हस्तक्षेप नहीं है.

राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि रामझरोखा मंदिर की जमीन वर्ष 2000 से महंत जयराम दास के नाम थी. बाद में इसका नामांतरण उनके शिष्य सीताराम दास के नाम हुआ. देवासी के मुताबिक, सीताराम दास ने अपनी इच्छा से जमीन का विक्रय किया होगा.

उन्होंने साफ कहा कि पट्टे बनाने या किसी व्यक्ति के पक्ष में पट्टा जारी करने के लिए उन्होंने किसी को कोई निर्देश नहीं दिए. देवासी ने इस पूरे मामले में अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया और कहा कि उनका जमीन के पट्टों से कोई संबंध नहीं है.

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पहले क्यों नहीं उठाया मुद्दा?- संयम लोढ़ा

ओटाराम देवासी ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर वर्ष 2021 से 2023 के बीच जमीन के सौदों को लेकर कोई गड़बड़ी थी तो उस समय इस मुद्दे को क्यों नहीं उठाया गया.

देवासी ने कहा कि उस दौरान न तो डीएलबी में ज्ञापन दिया गया और न ही जांच के निर्देश दिए गए. उनका कहना है कि अब इस मामले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, इसलिए यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि पहले इस मुद्दे पर कार्रवाई की मांग क्यों नहीं की गई.

सभी लीज डीड्स की जांच कराने की बात

मंत्री देवासी ने कहा कि रामझरोखा मंदिर की जमीन से जुड़े सभी लीज डीड्स की जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी. सरकार की ओर से अब इस मामले में दस्तावेजों की जांच कराई जाएगी और जमीन से जुड़े पट्टों की पूरी स्थिति सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

पेट्रोल पंप की जमीन पर भी सवाल

देवासी ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा से सिरोही कांग्रेस नगर अध्यक्ष से जुड़े पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर भी सवाल किया. उन्होंने पूछा कि पेट्रोल पंप जिस जमीन पर बना है, वह जमीन मूल रूप से किसकी थी और क्या उसका रामझरोखा मंदिर से कोई संबंध है. इस सवाल के जरिए देवासी ने जमीन विवाद को लेकर लोढ़ा से भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की.

प्रेस वार्ता के दौरान ‘भोपा भगाओ’ जैसे बयानों का मुद्दा भी उठा. इस पर ओटाराम देवासी ने कहा कि वे माताजी के मंदिर के पुजारी और भोपाजी हैं और सिरोही की जनता ने उन्हें सेवा का अवसर दिया है. देवासी ने कहा कि किसी के कहने से वे कहीं जाने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, वे उसे निभाते रहेंगे.

रामझरोखा मंदिर की जमीन से जुड़े एक पट्टे का जिक्र करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि विनोद देवड़ा के नाम से एक पट्टा था, जिसे बाद में हरीश भाई पुरोहित को बेचा गया. देवासी ने कहा कि संबंधित व्यक्ति को वे व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते और पट्टे में उसका पता उस्मानपुरा, अहमदाबाद का दर्ज है. उन्होंने साफ कहा कि संबंधित व्यक्ति को पट्टा देने में उनका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई लेना-देना नहीं है.

दो साल में 1500 करोड़ से ज्यादा के काम का दावा

मंत्री ओटाराम देवासी ने अपने कार्यकाल के दौरान सिरोही में कराए गए विकास कार्यों का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में सिरोही में करीब 1500 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य कराए गए हैं.

उन्होंने कृषि कॉलेज, सिरोही बस स्टैंड पुनर्निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण, 20 करोड़ रुपये के मिसिंग लिंक और नॉन-पैचेबल सड़कों के काम, अंजीर उत्कृष्टता केंद्र, फल-सब्जी मंडी और कालन्द्री पंचायत समिति के गठन को प्रमुख उपलब्धियां बताया.

देवासी ने कहा कि ग्राम पंचायतवार कराए गए विकास कार्यों की सूची उनके कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है.

वेटेनरी कॉलेज और रंगमंच को लेकर भी सवाल

राज्यमंत्री ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा पर राजकीय महाविद्यालय सिरोही में रंगमंच निर्माण को लेकर भी सवाल उठाया. देवासी ने दावा किया कि 93 लाख रुपये के रंगमंच निर्माण का शिलान्यास विधायक कोटे से होने की बात कही गई थी और उन्होंने इस राशि के मद को लेकर स्पष्टीकरण मांगा.

वहीं, वेटेनरी कॉलेज को लेकर देवासी ने कहा कि वर्ष 2022 में कॉलेज लाने के नाम पर वाहवाही ली गई, लेकिन दो वर्षों तक इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई. उन्होंने कहा कि अब गोल में वेटेनरी कॉलेज के लिए भूमि आवंटित कराई गई है.

विद्या भारती और सेवा भारती पर भी लगाए आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में देवासी ने आरएसएस से जुड़े संस्थानों को लेकर भी पूर्व विधायक पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के समय विद्या भारती के आवंटित भूखंड निरस्त किए गए और मान्यता से जुड़े मामलों को रोका गया.

देवासी ने कहा कि सेवा भारती के लिए वर्ष 2018 में आवंटित भूखंड को वर्ष 2020 में निरस्त कर दिया गया था, जिसे अब उनके द्वारा दोबारा संस्था को आवंटित कराया गया है.

मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि सिरोही की जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें सेवा का अवसर दिया है, उस विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सिरोही के चहुंमुखी विकास, सुविधाओं के विस्तार और लोगों की सुख-समृद्धि के लिए वे आगे भी पूरी तरह तत्पर रहेंगे.

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सांसद लुंबाराम चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी, जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित, प्रधान हंसमुख मेघवाल, जिला महामंत्री गणपत सिंह राठौड़, जिला उपाध्यक्ष हेमलता पुरोहित और पूर्व मंडल अध्यक्ष महिपाल चारण सहित भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे.

रामझरोखा मंदिर की जमीन को लेकर सामने आए इस विवाद में अब मंत्री देवासी की ओर से जांच कराने की बात कही गई है. ऐसे में जांच के बाद जमीन से जुड़े पट्टों और लीज डीड्स को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी.



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