मानसून की पहली ही बारिश ने वर्ल्ड क्लास शहर कहे जाने वाले राजस्थान की राजधानी जयपुर में सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे होने लगे हैं. दूर दराज नहीं, बल्कि शहर के बीचो-बीच की सड़क धंस रही हैं और इनमें वाहन समा रहे हैं.
दो दिन पहले टोंक रोड इलाके में सड़क पर 50 फीट से ज्यादा गड्ढा होने का मामला अभी थमा भी नहीं हुआ था कि रात को हल्की बारिश में मानसरोवर इलाके के गोपालपुरा बायपास के पास सड़क का कुछ हिस्सा अचानक धंस गया. इनमें कुछ हिस्सा सड़क का था और बाकी फुटपाथ का. जिस जगह गड्ढा हुआ, वहां पर एक इनोवा कार भी खड़ी हुई थी.
क्रेन से निकाली गई कार
गड्ढा होने से इनोवा कर का पीछे का हिस्सा उसमें गिर गया. गनीमत यह रही कि कार मालिक को वक्त रहते इसका पता चल गया और उसने फौरन क्रेन बुलाकर कार को बाहर निकलवा लिया, वर्ना कार पूरी तरह गड्ढे में समा सकती थी.
गोपालपुरा बाईपास पर रात को जिस जगह गड्ढा होने से कार का हिस्सा उसमें समा गया, पिछले साल भी इसी इलाके में सड़क कई जगह पर धंस गई थी. राहत की बात यह रही की यह हादसा रात के वक्त हुआ. अगर यह हादसा दिन में होता तो भीड़ भरे इलाके में कोई वाहन या राहगीर इस गड्ढे में समा सकता था.
जयपुर में कई जगह गड्ढे
बहरहाल जयपुर में अभी मानसून आए हुए सिर्फ तीन दिन हुए हैं. तीन दिनों में शहर में कई जगहों पर गड्ढे हो चुके हैं. कहा जा सकता है कि यह गड्ढे लापरवाही के हैं, सिस्टम की नाकामी के हैं, व्यवस्थाओं की कलई खोलने वाले हैं और विकास के नाम पर लूट खसोट व भ्रष्टाचार को आईना दिखाने वाले हैं.
सिस्टम पर खड़े हो रहे सवाल
बहरहाल घटना के 13 घंटे बाद भी इस गड्ढे को अभी तक भरा नहीं जा सका है. पुलिस ने वहां एक बोर्ड और कुछ बोरियां रखकर गड्ढे को बैरिकेड कर दिया है, लेकिन यह गड्ढे सरकार और सिस्टम से ऐसे सवाल कर रहे हैं जिनके जवाब शायद ही कोई देना चाहेगा.
सड़क पर अचानक गड्ढा होने और इसमें कार के समाने वा क्रेन द्वारा गड्ढे में गिरी हुई इनोवा कार को निकाले जाने की घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है. सीसीटीवी में कैद तस्वीरें भ्रष्टाचार की पूरी कहानी को बयां करने के लिए काफी हैं.
