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जिम्बाब्वे में वैभव सूर्यवंशी हिट होंगे या फ्लॉप? सबको पता है ये कमजोरी; क्या कहते हैं आंकड़ें?


भारतीय क्रिकेट टीम इस समय जिम्बाब्वे के दौरे पर है. जिम्बाब्वे में टीम इंडिया तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी, जिसकी शुरुआत 23 जुलाई से होगी. इस सीरीज से पहले सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी की हो रही है. जिम्बाब्वे में वैभव सूर्यवंशी हिट होंगे या फ्लॉप? हर कोई ये देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. वैसे, अब वैभव सूर्यवंशी की कमजोरी पूरी दुनिया को पता चल गई है, लेकिन जिम्बाब्वे में उनके आंकड़े हैरान करने वाले हैं. 

शॉर्ट बॉल के खिलाफ परेशानी

खास बात ये रही की आखिरी के दोनों मैच में सूर्यवंशी शॉर्ट बॉल का शिकार हुए. इसके बाद तो अगले मैच में टीम मैनेजमेंट ने सबको चौंकाते हुए सूर्यवंशी को ड्रॉप ही कर दिया, लेकिन अब सूर्यवंशी के पास खुद को साबित करने का एक और मौका है. ज़िम्बाब्वे दौरे पर सूर्यवंशी वो करनामा कर सकते हैं जिनकी उनसे उम्मीद की जाती है. ज़िम्बाब्वे पर ना इंग्लैंड जैसी उछाल वाली पिच होंगी और ना स्विंग मूवमेंट. इसके अलावा ज़िम्बाब्वे के पास मुज़रबानी को छोड़कर कोई विश्वस्तरीय गेंदबाज़ भी नहीं है. हरारे में विकेट कुछ हद तक भारतीय कंडीशन के मुताबिक ही मिलेगा. ऐसे में सूर्यवंशी यहां मन माफिक अंदाज में बल्लेबाजी कर सकते हैं. 

हरारे में मचा चुके हैं कोहराम

हरारे में सूर्यवंशी का रिकॉर्ड भी शानदार रहा है. यहां खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप में वैभव ने गदर मचा दिया था. इस विश्व कप में वैभव ने 62 की एवरेज से 439 रन बनाए थे. वहीं फाइनल में तो सूर्यवंशी का बल्ला कुछ ऐसा चला था की उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की हालत ख़राब कर दी थी. सूर्यवंशी ने फाइनल मैच में 80 गेंदों पर 175 रन की पारी खेली थी, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे थे. यानी 175 में से 150 रन सिर्फ छक्के-चौकों से आए थे. अब सूर्यवंशी पुरानी यादों को ताज़ा कर हरारे में एक बार फिर से हल्ला बोल सकते हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट का स्वाद चख चुके सूर्यवंशी अब वापस हाथ लगे मौके को गंवाना नहीं चाहेंगे और ऐसे में वैभव का बल्ला ज़िम्बाब्वे में नया इतिहास लिख दे तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए.

डेब्यू सीरीज में नाकाम 

सूर्यवंशी का चयन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे की टी20 सीरीज के लिए हुआ था, लेकिन उन्हें मौक़ा इंग्लैंड के ख़िलाफ़ दूसरे टी20 में मिला. जहां वैभव ने आर्चर पर छक्का मारकर अपने इरादे जता दिए थे, लेकिन अच्छी शुरुआत के बावजूद वो बड़ा करनामा नहीं कर सके और 14 के स्कोर पर विल जैक्स का शिकार बने. इसके बाद अगले मैच में भी वैभव में बढ़िया तेवर दिखाए लेकिन वो अपने स्टार्ट को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके और आर्चर ने 13 के स्कोर पर उन्हें चलता कर दिया. सीरीज के चौथे मुकाबले में भी वैभव नाकाम साबित हुए और इस मैच में भी आर्चर ने उन्हें पवेलियन का रास्ता दिखाया. 

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