जोधपुर नगर निकाय चुनाव-2026 को लेकर निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा निर्धारित कर दी है. जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर आलोक रंजन ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रत्याशियों को चुनावी खर्च का पूरा लेखा-जोखा निर्धारित नियमों के तहत प्रस्तुत करना होगा.
निर्धारित सीमा के अनुसार, नगर निगम के प्रत्याशी अधिकतम 3.50 लाख रुपए, नगर परिषद के प्रत्याशी 2.50 लाख रुपए और नगर पालिका के प्रत्याशी 1.50 लाख रुपए तक चुनावी खर्च कर सकेंगे.
राजस्थान निकाय चुनाव: डूंगरपुर में तैयारी तेज, क्रिटिकल बूथों पर खास फोकस
निर्वाचन व्यय का हिसाब देना अनिवार्य
दरअसल, अब प्रत्येक प्रत्याशी को मतगणना की तारीख से 15 दिनों के भीतर निर्धारित प्रपत्र में अपने निर्वाचन व्यय का पूरा हिसाब निर्वाचन व्यय शाखा में जमा करवाना अनिवार्य होगा. निर्धारित समय सीमा में खर्च का लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं करने पर प्रत्याशी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. नियमों के तहत 5 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा गंभीर स्थिति में प्रत्याशी को अगले 6 वर्षों तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है.
दिशा-निर्देशों जारी
निर्वाचन व्यय शाखा की ओर से राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी चुनावी खर्च से जुड़े राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई है. जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे निर्वाचन व्यय से संबंधित नियमों और निर्धारित समय-सीमा की पूरी तरह पालन करें. चुनावी खर्च का हिसाब-किताब अब प्रत्याशियों के लिए महज औपचारिकता नहीं, बल्कि अनिवार्य निर्वाचन प्रक्रिया का हिस्सा होगा.
कब हैं चुनाव?
बता दें कि राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में 2 चरणों में चुनाव होंगे. पहले चरण का मतदान 9 सितंबर और दूसरा चरण का मतदान 11 सितंबर 2026 को है. इन चुनावों के लिए मतगणना 14 सितंबर 2026 को होगी. यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है. इसके अलावा AIMIM और RLD एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेगे जिससे मुकाबला दिलचस्प होता नजर आ रहा है.
