असम में पांच दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव के समापन के बाद बुधवार (21 अक्टूबर, 2026) को जोरहाट में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हुआ. मां दुर्गा को विदाई देने के लिए हजारों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े.
जोरहाट में भोगदोई नदी के किनारे गरमूर स्थित पूजा डूबी घाट पर लगभग 101 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है. विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. शहर की सड़कों, विशेषकर गर-अली इलाके में भारी भीड़ के कारण यातायात प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति देखने को मिली.
जोरहाट के SSP ने दी जानकारी
जोरहाट के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुब्रज्योति बोरा के अनुसार, उनके बयान के समय तक केवल 8 से 9 प्रतिमाओं का ही विसर्जन हो पाया था. उन्होंने कहा कि विसर्जन की प्रक्रिया आधी रात तक या संभवतः रात एक बजे तक जारी रहने की संभावना है. उन्होंने कहा, ‘जोरहाट शहर में कुल मिलाकर लगभग 101 दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाना है. अब तक शुरुआती कुछ प्रतिमाओं का ही विसर्जन हुआ है और यह प्रक्रिया आधी रात तक जारी रहने की संभावना है.’
उन्होंने कहा, ‘भीड़ को नियंत्रित करने और प्रतिमाएं लेकर आने वाले ट्रकों सहित अन्य वाहनों की आवाजाही सुचारू रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. विसर्जन के दौरान गर-अली इलाके में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण यातायात प्रबंधन पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना रहा.’
किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल तैनात
SSP बोरा ने कहा, ‘विसर्जन स्थल पर एक बड़ी क्रेन की मदद से प्रतिमाओं को भोगदोई नदी के मध्य भाग के जितना संभव हो सके, उतना करीब ले जाने की व्यवस्था की गई है. हालांकि, नदी के कुछ हिस्सों में पानी कम होने के कारण प्रतिमाओं के विसर्जन में तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.’
विसर्जन समारोह को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जोरहाट पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है. एसएसपी के अनुसार, किसी भी अप्रिय घटना से निपटने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है.
नियमित गश्त के अलावा, पुलिस ने कई मोबाइल पेट्रोलिंग टीमों को भी तैनात किया है. इनमें ट्रैफिक और टाउन ब्रांच की राइडर टीमें शामिल हैं, ताकि भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की पहुंच आसान हो और किसी भी घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
पुलिस के उद्देश्य के बारे में बोले एसएसपी
बोरा ने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी आम जनता तक पुलिस आसानी से पहुंच सके. उन्होंने बताया कि कुछ मामूली झड़पों की घटनाएं सामने आई थीं, लेकिन पुलिस ने समय रहते उन पर काबू पा लिया. मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन पांच दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव के समापन का प्रतीक है. इस अवसर पर श्रद्धालु नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई देते हुए अगले वर्ष उनके पुनः आगमन की कामना करते हैं.
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