दुनिया में पिछले 12 महीनों में 57 से अधिक देशों में महत्वपूर्ण सरकारी विरोधी प्रदर्शन हुए. इनमें से लगभग 33 देश में प्रदर्शन अभी भी सक्रिय हैं. अक्टूबर 2026 के महीने में सड़क पर बड़े प्रदर्शन कम से कम 13 देशों में रिपोर्ट किए गए हैं. इसमें यूरोप के 10 देश शामिल हैं -फ्रांस, स्पेन, इटली, पुर्तगाल, अल्बानिया, बेल्जियम, ग्रीस, जर्मनी, ऑस्ट्रिया और आयरलैंड.
यूरोप में आर्थिक असंतोष खासकर महंगाई, हाउसिंग क्राइसिस, ईंधन की कीमतें, स्कूलों की खराब हालत को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं, हिसां भी जबरदस्त हुई है. कमाल की बात ये है कि प्रदर्शन और हिंसा उन यूरोपीय देशों में ज्यादा देखी जरा ही है जहां चुनाव बेहद करीब है.
कहां-कहां होने वाले है चुनाव?
फ्रांस में 2027 के अप्रैल और मई में राष्ट्रपति चुनाव होने हैं. कई जानकार कह रहे हैं कि हिंसा से विरोधी पक्ष को फायदा हो सकता है, क्योंकि लोग लॉ एंड ऑर्डर की डिमांड कर रहे हैं. मैक्रों की लोकप्रियता पहले से कम थी. वो इस बार चुनाव में उम्मीदवार नही होंगे क्योकि वहां दो बार से ज्यादा कोई राष्ट्रपति नही बन सकता है.
स्पेन में हाउसिंग क्राइसिस पर बड़े प्रदर्शन हुए. प्रधानमंत्री Pedro Sánchez ने 29 नवंबर 2026 के लिए चुनाव वक्त से पहले करा लिए हैं, सीधे प्रदर्शनों और संसद में हाउसिंग बिल के फेल होने के बाद हुआ. यूनियनों ने 11 नवंबर को सामान्य हड़ताल का ऐलान भी किया है.
इटली में मेलोनी की सरकार के खिलाफ छात्र और महंगाई विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं. अगला आम चुनाव 2027 के आसपास है. सरकार ने हाल ही में सख्त सुरक्षा कानून पास किए हैं.
यूरोपीय देशों में होने वाले चुनाव
दुनिया के कई और यूरोपीय देशों में चुनाव होने वाले हैं, जो इस प्रकार है.
- ग्रीस में अगला संसदीय चुनाव 2027 में होने वाला है.
- सर्बिया में चुनाव 2027 में हैं.
- पुर्तगाल में संसदीय चुनाव 2029 में होने है.
- इंडोनेशिया में चुनाव 2029 में होने हैं.
- अल्बानिया में अगला संसदीय चुनाव 25 जून 2029 तक होने हैं.
- बेल्जियम में चुनाव 2029 में है.
यूरोप में बढ़ते खर्च ने तोड़ कमर
यूरोप में बढ़ते खर्च, महंगे घर, एजुकेशन और अन्य तरह के सर्विस को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. फ्रांस और इटली में तो ये प्रदर्शन हिंसक भी हो गए हैं. स्पेन और पुर्तगाल में लोग घर की कीमतों और सैलरी को लेकर विरोध कर रहे हैं, जबकि बेल्जियम में सरकारी खर्च में कटौती के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं. वहीं, अल्बानिया में छात्र सरकार विरोधी आंदोलन में शामिल हो गए हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. ये विरोध-प्रदर्शन युवाओं, कामगारों और ट्रेड यूनियनों के बीच बढ़ती हताशा को दिखा रहे हैं, जो बढ़ते मंहगाई को लेकर परेशान हैं. कुछ देशों में चुनावों से पहले इस अशांति ने सरकारों पर दबाव भी बढ़ा दिया है.
