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ट्रंप वो करेंगे जो 64 साल के इतिहास में नहीं हुआ, जिनपिंग से मीटिंग क्यों खास?


चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर के दौरान यूएस दौरे पर होंगे. करीब 11 साल बाद उनका पहला US दौरा है. 24 सितंबर को उनकी व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से शिखर वार्ता होगी. इस दौरान ट्रंप वो करने वाले हैं, जो पहले कम ही हुआ है. ट्रंप उन्हें जॉइंट बेस एंड्रयूज एयरपोर्ट पर खुद रिसीव करने वाले हैं, जो अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए असामान्य कदम माना जा रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति का एयरपोर्ट पर खुद जाकर विदेशी नेता का स्वागत करना बहुत रेयर रहा है. सामान्य प्रोटोकॉल यह है कि जॉइंट बेस एंड्रयूज पर प्रोटोकॉल अधिकारी या वाइस प्रेसिडेंट रिसीव करते हैं. राष्ट्रपति व्हाइट हाउस के साउथ लॉन पर औपचारिक सेरेमनी में उनका स्वागत करते हैं. हालांकि, पोप इसका अपवाद रहे हैं.

आखिरी अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी माने जाते हैं, जो किसी विदेशी राष्ट्रध्यक्ष को रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे. केनेडी ने 1961 और1962 के आसपास कई विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों का जॉइंट बेस एंड्रयूज पर खुद स्वागत किया था. जिसमें ब्राजील के जोआओ गौलार्ट, सूडान के इब्राहिम अब्बूद, पाकिस्तान के अयूब खान और भारत के जवाहरलाल नेहरू शामिल थे.

राष्ट्रपति केनेडी के कार्यकाल के बाद बदला प्रोटोकॉल

उसके बाद प्रोटोकॉल बदल गया. केनेडी के कार्यकाल के बाद एयरपोर्ट के बजाय व्हाइट हाउस के साउथ लॉन को मुख्य स्वागत स्थल बना दिया गया. इससे पहले 2008 में जॉर्ज डब्ल्यू. बुश पोप बेनेडिक्ट सोलहवें को एंड्रयूज पर रिसीव करने गए थे. 2015 में बराक ओबामा पोप फ्रांसिस का वहीं स्वागत करने गए. इससे पहले भी पोप जॉन पॉल द्वितीय के दौरे पर कुछ राष्ट्रपति एयरपोर्ट गए थे. ये धार्मिक और प्रतीकात्मक सम्मान के रूप में माने जाते हैं.

1961 में केनेडी ने नेहरू को एयरपोर्ट पर किया था रिसीव

पुराने दौर में कुछ उदाहरण हैं. 1959 में ड्वाइट आइजनहावर सोवियत नेता निकिता ख्रुश्चेव को एंड्रयूज पर रिसीव करने गए थे.
जॉन एफ. केनेडी के शुरुआती कार्यकाल में कुछ स्वागत समारोह एयरपोर्ट पर ही होते थे, बाद में प्रोटोकॉल बदलकर व्हाइट हाउस कर दिया गया. 1961 में राष्ट्रपति कैनडी में भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु को एयरपोर्ट पर रिसीव किया था. 1949 में राष्ट्रपित ट्रूमैन ने नेहरु को एयरपोर्ट पर रिसीव किया था. 

मौजूदा प्रोटोकॉल में क्या?

स्टेट डिपार्टमेंट और व्हाइट हाउस का प्रोटोकॉल साफ है. विदेशी राष्ट्राध्यक्ष आमतौर पर जॉइंट बेस एंड्रयूज पर उतरते हैं. वहां उन्हें यूएस चीफ ऑफ प्रोटोकॉल, सीनियर मिलिट्री अधिकारी, संबंधित राजदूत या कभी-कभी वाइस प्रेसिडेंट रिसीव करते हैं. राष्ट्रपति खुद व्हाइट हाउस के साउथ लॉन पर औपचारिक स्वागत समारोह में उनका इंतजार करते हैं.
 
मुलाकात में जिन मुद्दों पर बात होगी उसका फोकस मौजूदा ईरान युद्ध और व्यापारिक हितों पर चर्चा होगी. दोनों नेताओं के बीच व्यापार और टैरिफ पर भी बात होगी. AI साइबर खतरे और दोनों देशों के लैब्स के बीच कुछ सहयोग की चर्चा होने की संभावना है. टेक सीईओ भी स्टेट डिनर में शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स पर भी बात होगी. मीटिंग में ताइवान का मुद्दा भी उठ सकता है.

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अमेरिकी अधिकारी बड़े समझौतों की उम्मीद नहीं जता रहे हैं. ज्यादातर बात पिछले समझौतों को लागू करने और तनाव न बढ़ने देने तक सीमित रहने की संभावना है. चीन की तरफ से व्यापारिक सौदों और स्थिरता का संदेश देने पर जोर होगा, खासकर घरेलू राजनीति के लिहाज से.

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