आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार (14 जुलाई) को वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को लेकर बीजेपी के आरोपों का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें काफी पहले ही पार्टी से निकाल दिया गया था और बाद में वह एआईएमआईएम में शामिल हो गए थे.
अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी नेता अमित मालवीय की सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर की गई टिप्पणी के जवाब में कहा, ‘‘हमने उसे बहुत पहले ही पार्टी से निकाल दिया था. क्या वह बाद में ‘चंदा चोर’ पार्टी के सहयोगी संगठन में शामिल नहीं हो गया था?’’
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने क्या कहा था?
मालवीय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा था, ‘‘दिल्ली दंगे 2020: दिल्ली की एक अदालत ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी और ‘आप’ के पूर्व नेता ताहिर हुसैन सहित पांच लोगों को दोषी ठहराया है.’’
ताहिर हुसैन ने AAP उम्मीदवार के खिलाफ लड़ा था चुनाव- भारद्वाज
दिल्ली ‘आप’ अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि बाद में हुसैन ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) में शामिल हो गए और मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से ‘आप’ उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ा. भारद्वाज ने आरोप लगाया, ‘‘उन्हें ‘आप’ के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए जमानत मिली और इसका फायदा बीजेपी को हुआ, जिसने मुस्तफाबाद सीट जीत ली.’’
कोर्ट ने ताहिर हुसैन सहित 5 लोगों को ठहराया दोषी
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान हुई, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ताहिर हुसैन सहित पांच लोगों को दोषी ठहराया था. ‘आप’ ने सोमवार (13 जुलाई) को कहा था कि दिल्ली दंगा मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के तुरंत बाद हुसैन को निलंबित कर दिया गया था और इसके बाद पार्टी का उससे कोई संबंध नहीं रहा. पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद ताहिर हुसैन वर्ष 2024 में एआईएमआईएम में शामिल हो गए थे.
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