दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में केमिकल कारोबारी के 23.60 लाख रुपये लेकर फरार हुए कर्मचारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान 37 वर्षीय अर्जुन शर्मा के रूप में हुई है. पुलिस ने उसके कब्जे से 20.80 लाख रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा स्कूटर और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं. आरोपी रकम लेकर मोबाइल बंद करने के बाद लगातार ठिकाने बदल रहा था.
पार्टी से रुपये लेकर बैंक में जमा कराने निकला था
पुलिस के मुताबिक, अशोक विहार निवासी शिकायतकर्ता का लालबाग इलाके में केमिकल का कारोबार है. 21 अगस्त को उन्होंने अपने कर्मचारी अर्जुन शर्मा को सरस्वती विहार की एक पार्टी से 23.60 लाख रुपये लेने भेजा था. अर्जुन ने सी-522, सरस्वती विहार से रकम ली और उसे बैंक में जमा कराने के लिए निकल गया. कुछ देर बाद कारोबारी ने अर्जुन को फोन किया तो उसका मोबाइल बंद मिला. काफी तलाश करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला. इसके बाद कारोबारी ने आदर्श नगर थाने में शिकायत दी.
मोबाइल बंद कर सोशल मीडिया से भी दूरी बनाई
पुलिस ने 24 अगस्त को इस मामले में BNS की धारा 316(4) में केस दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अर्जुन ने जानबूझकर अपना मोबाइल बंद कर दिया था. उसने पुराने मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया आईडी का इस्तेमाल भी बंद कर दिया, ताकि पुलिस उसकी लोकेशन तक न पहुंच सके.
एक्टिवा स्कूटी के रास्ते ने खोल दिया आरोपी का राज!
पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी के साथ जमीनी स्तर पर भी जांच शुरू की. अर्जुन की आवाजाही और उसके एक्टिवा स्कूटी की गतिविधियों को खंगाला गया. धीरे-धीरे पुलिस ने उसके संभावित रास्ते और ठिकानों का पता लगा लिया.
जयपुर से चंडीगढ़ और फिर मनाली पहुंचा
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए अर्जुन लगातार जगह बदल रहा था. वह जयपुर, चंडीगढ़ और मनाली तक पहुंचा. हालांकि पुलिस टीम उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थी. आखिरकार उसे पकड़ लिया गया.
20.80 लाख रुपये बरामद, बाकी रकम की तलाश
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अर्जुन के पास से 20 लाख 80 हजार रुपये नकद बरामद किए. इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा स्कूटर और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं. पुलिस अब बाकी 2.80 लाख रुपये की बरामदगी के लिए आरोपी से पूछताछ कर रही है.
पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं
पुलिस के मुताबिक, अर्जुन शर्मा का इससे पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है. मामले की जांच जारी है और फरार होने के दौरान रकम को कहां-कहां रखा गया और बाकी पैसे कहां खर्च किए गए, इसका पता लगाया जा रहा है.
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