दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की टीम हरी जर्सी पहन कर मैदान में उतरी है. ये मैच बेंगलुरू स्थित एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जा रहा है. RCB की जर्सी काले और लाल रंग का कॉम्बिनेशन होती है, लेकिन दिल्ली के खिलाफ टीम के खिलाड़ी हरी जर्सी पहन कार क्यों उतरे हैं? इसके पीछे बड़ा कारण ‘गो ग्रीन’ पहल है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति जागरुकता फैलाना है.
बताते चलें आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू चिन्नास्वामी स्टेडियम में अपना 100वां मैच खेल रही है. यह भी एक कारण है कि आरसीबी की टीम इस दिन को खास बनाने के लिए हरी जर्सी पहन कर मैदान में उतरी है. वह IPL के इतिहास में ऐसी पहली टीम भी बनी है जिसने एक ही वेन्यू पर 100 मैच खेलने का कीर्तिमान बनाया है.
RCB टीम ने क्यों पहनी हरी जर्सी
साल 2011 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने ‘Go Green’ पहल की शुरुआत की थी. 2011 से ही आरसीबी की टीम प्रत्येक सीजन कम से कम एक मैच हरी जर्सी पहन कर मैदान में उतरती है. ऐसा करके बेंगलुरू टीम ग्लोबल वॉर्मिंग और पर्यावरण जागरुकता फैलाने का काम करती है.
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू फ्रेंचाइजी के सीईओ राजेश मेनन का कहना है कि सालों की कड़ी मेहनत का नतीजा है कि आज इस फ्रेंचाइजी को कार्बन-न्यूट्रल होने का दर्जा मिला है. उन्होंने कहा कि यह पहल आम लोगों को भी प्रेरित करती है.
RCB + Green Jersey Theory 💚
Every time Royal Challengers Bangalore wear green, it feels like they’re playing a different script
Different energy, different pressure… like the team resets mentally for that one game.. #RCBvsDC pic.twitter.com/PszwDLtu4o— Reality hurt (@anekmemees) April 18, 2026
आरसीबी का मैनेजमेंट पूरा ख्याल रखता है कि टीम के स्तर पर भी कार्बन उत्सर्जन कम हो सके. इसके लिए टीम की यात्रा, होटल में रहना, बिजली का इस्तेमाल और डीजल जनरेटर से होने वाले उत्सर्जन का भी रिकॉर्ड रखा जाता है. इसके अलावा टीम ने फैंस को भी इस पहल से जोड़ने की कोशिश की है. मैच की टिकट के साथ मेट्रो टिकट की व्यवस्था की गई है.
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