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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सड़क धंसी, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल, स्थानीय लोग चिंतित


केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की घटना सामने आई है. इस घटना से प्रोजेक्ट की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए गए हैं. करीब 12 हजार करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार किए गए इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन लगभग दो महीने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर-कमलों से किया गया था.

अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होता हुआ देखा जा रहा है, जिसमें एक्सप्रेसवे की सड़क पर करीब दो-दो फीट के गहरे गड्ढे बन जाने का दावा किया जा रहा है. हालांकि, सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम की ओर से मौके पर पहुंचकर गड्ढों की मरम्मत करा दी गई है. इसके बावजूद, सड़क के किनारे का हिस्सा अभी भी काफी क्षतिग्रस्त देखा जा सकता है, जिससे स्थानीय लोगों और वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों में भारी चिंता व्याप्त है.

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‘टला बड़ा हादसा, किनारे अभी भी कमज़ोर’

वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर यह आशंका जताई गई है कि यदि समय रहते इन गड्ढों की जानकारी नहीं मिलती, तो यहां किसी बड़े सड़क हादसे को दावत मिल सकती थी. घटना के तुरंत बाद विभागीय टीम की तरफ से मरम्मत कार्य शुरू कराकर सड़क के धंसे हुए हिस्से को भर दिया गया है.

लेकिन, इस मरम्मत के बावजूद सड़क का बाहरी किनारा अभी भी बेहद कमजोर और क्षतिग्रस्त नजर आ रहा है. स्थानीय लोगों की ओर से यह आरोप लगाया गया है कि यदि इस हिस्से की उचित तकनीकी जांच और स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई, तो भविष्य में सड़क के फिर से धंसने की आशंका बनी रहेगी. इससे वाहन चालकों की सुरक्षा पर लगातार खतरा मंडराता रहेगा.

अधिकारियों की ओर से साधी गई चुप्पी

इस गंभीर घटना के सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधे जाने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी भी अधिकारी की तरफ से कैमरे पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया गया. ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं.

अब यह देखना बाकी है कि संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत जांच कराई जाती है या नहीं, और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोके जाने के लिए क्या अहम कदम उठाए जाते हैं. फिलहाल, सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण और मजबूत मरम्मत कराए जाने को बेहद आवश्यक माना जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके.

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