दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे में मृतक 7 लोगों में एक चंदौली के रहने वाले अभिषेक भी थे. अभिषेक दिल्ली मोतीलाल नेहरू में अपनी बीकॉम की पढ़ाई पूरी कर रहे थे. वह सेकंड ईयर के छात्र थे.
मंगलवार की सुबह वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर जब अभिषेक के साथी और परिजन उनका शव लेकर पहुंचे तो मानो एक पल के लिए सभी की आंखें नम हो गई हो. आसमान से हो रही बारिश भी यह बता रही थी कि आज इस हादसे पर प्रकृति भी दुखी है.
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एमबीए की तैयारी कर रहे थे अभिषेक
दिल्ली हादसे में मृतक अभिषेक चंदौली जनपद के झांसी गांव के रहने वाले थे. वह बीकॉम सेकंड ईयर के छात्र थे. मंगलवार की सुबह उनका शव वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पहुंचा. मीडिया से बातचीत के दौरान पिता बेहद भावुक थे. उनका मानना था कि अगर बिल्डिंग में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करवाया जा रहा था तो वहां से सबको हटा देना चाहिए था और इसके लिए सीधे तौर पर बिल्डिंग के मालिक हीं दोषी हैं.
दूसरे शहरों से दिल्ली जाकर पढ़ाई करने वाले छात्रों को वहां रहने और खाने के लिए खास तौर पर काफी दिक्कत होती है. पीजी हॉस्टल द्वारा एडवांस पैसा भी जमा करवा लिया जाता है लेकिन इस प्रकार से बच्चों के जीवन के साथ उनकी लापरवाही एक झटके में सब कुछ खत्म कर देती है.
व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए
अभिषेक के पिता संतोष खरवार ने माना कि खासतौर पर दिल्ली में जो भी बच्चे पढ़ने जाते हैं, उनके रहने खाने और सुरक्षा के दृष्टिकोण से व्यवस्थाएं बेहतर होनी चाहिए. भावुक होकर उन्होंने कहा कि जो भी घटना उनके बच्चे के साथ हुई है ऐसा किसी भी पिता पर न गुजरे. घाट पर मौजूद अन्य लोग भी इस हादसे में मृतक छात्रों के लिए काफी दुखी थे.
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