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दुबई में देख रहे हो नौकरी का सपना? भारतीय महिला ने बताया काला सच


दुबई जाने का सपना भारत में बहुत से लोग देखते हैं. सोशल मीडिया पर दुबई की चमक-दमक, बड़ी-बड़ी गाड़ियां और शानदार जिंदगी देखकर लगता है कि वहां की नौकरी मिल गई तो जिंदगी बदल जाएगी. लेकिन दुबई में रहने वाली एक भारतीय महिला ने इस सोच को लेकर ऐसा रियलिटी चेक दिया है, जिसे नौकरी के लिए यूएई जाने वाले हर भारतीय को एक बार जरूर देखना चाहिए. महिला ने साफ कहा कि सिर्फ रुपये में हिसाब लगाकर दुबई की सैलरी को बड़ा समझ लेना गलती हो सकती है. वहां मिलने वाली रकम से उसी देश में किराया, खाना, आने-जाने और बाकी खर्च भी उठाने पड़ते हैं.

3000 दिरहम देखकर खुश मत होना

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में शिरी शुक्ला नाम की महिला लोगों को दुबई की नौकरी को लेकर सलाह देती नजर आ रही हैं. उनका कहना है कि अगर कोई भारतीय दुबई जाने की तैयारी कर रहा है तो उसे सिर्फ सैलरी देखकर फैसला नहीं करना चाहिए.

उन्होंने खास तौर पर 3000 से 4000 दिरहम जैसी सैलरी वाली नौकरियों को लेकर लोगों को सावधान किया. उनका कहना है कि भारत में बैठकर जब यही रकम रुपये में बदली जाती है तो आंकड़ा बड़ा दिखाई देता है, लेकिन दुबई में असली खर्च दिरहम में ही होना है.

रुपये में हिसाब लगाया तो हो जाएगा कन्फ्यूजन

मान लीजिए किसी को दुबई में 3000 दिरहम की नौकरी मिलती है. भारत में बैठकर अगर कोई इसे रुपये में बदलकर देखेगा तो उसे रकम काफी अच्छी लग सकती है. यहीं से पूरा खेल बिगड़ सकता है.

दुबई पहुंचने के बाद उसे रुपये नहीं बल्कि दिरहम में खर्च करना होगा. घर का किराया, खाना, सफर, मोबाइल और रोजमर्रा की दूसरी जरूरतें सब उसी कमाई से पूरी करनी होंगी. ऐसे में जो सैलरी भारत में बैठकर बहुत बड़ी लग रही थी, वह वहां पहुंचकर काफी छोटी महसूस हो सकती है.

2000-3000 दिरहम कमाने वालों का भी किया जिक्र

शिरी ने अपने वीडियो में बताया कि उन्होंने ऐसे लोगों को भी देखा है जो दुबई में 2000 से 3000 दिरहम महीने की कमाई करते हैं और महीने के आखिर तक उनके पास बहुत कम पैसा बचता है.

यानी विदेश में नौकरी का मतलब सिर्फ ज्यादा सैलरी नहीं है. असली सवाल यह है कि खर्च निकालने के बाद हाथ में कितना पैसा बचेगा. अगर कमाई का बड़ा हिस्सा किराए और रोजमर्रा की जरूरतों में चला गया तो भारत के मुकाबले ज्यादा कमाई होने के बावजूद बचत कम हो सकती है.

5000-6000 दिरहम की सैलरी की बात

शिरी शुक्ला ने लोगों को सलाह देते हुए कहा कि दुबई जाने से पहले करीब 5000 से 6000 दिरहम की सैलरी वाले पैकेज पर ध्यान देना चाहिए. हालांकि वीडियो के बाद लोगों के बीच इस रकम को लेकर भी बहस शुरू हो गई.

कई लोगों का कहना है कि दुबई में बढ़ते खर्च को देखते हुए आज के समय में 5000-6000 दिरहम भी हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त नहीं होंगे. कुछ यूजर्स ने तो कहा कि अगर कोई अकेले दुबई जाकर ठीक से रहना और कुछ बचाना चाहता है तो 8000 से 10000 दिरहम के आसपास की कमाई ज्यादा व्यावहारिक हो सकती है.

सोशल मीडिया की चमक देखकर फैसला न लें

महिला ने दुबई की सोशल मीडिया वाली चमक को लेकर भी लोगों को सोचने की सलाह दी. इंस्टाग्राम पर दुबई की खूबसूरत सड़कें, महंगे मॉल, ऊंची इमारतें और लग्जरी लाइफ देखकर ऐसा लगता है कि वहां हर कोई शानदार जिंदगी जी रहा है.

लेकिन कैमरे के पीछे की जिंदगी अलग हो सकती है. नौकरी के लिए दुबई जाने वाले व्यक्ति को हर महीने के खर्च का पूरा हिसाब पहले से बनाना चाहिए. कितना किराया जाएगा, खाने पर कितना खर्च होगा और घर भेजने के बाद कितनी बचत होगी, यह सब पहले देखना ज्यादा समझदारी है.

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वायरल वीडियो पर लोगों ने कहा- बात तो सही है

शिरी शुक्ला के वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर अपनी राय दी. कई लोगों ने उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा कि विदेश की सैलरी को भारतीय रुपये में बदलकर खुश होने के बजाय वहां की महंगाई देखनी चाहिए.

वहीं कुछ लोगों ने कहा कि दुबई में 5000-6000 दिरहम भी अब बहुत ज्यादा नहीं हैं. कई यूजर्स ने 8000 से 10000 दिरहम तक की कमाई को ज्यादा बेहतर बताया.

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