- आजादी बाद आठवीं जनगणना, जातिगत डेटा भी।
केंद्र सरकार ने सोमवार (3 अगस्त, 2026) को लद्दाख, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जारी जणगणना की दूसरे चरण के आयोजन के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. सरकार ने बताया है कि दो केंद्र शासित प्रदेशों और दो राज्यों में जारी जनगणना के दूसरे चरण का आयोजन एक से 30 सितंबर, 2026 तक किया जाएगा.
सरकार ने राजपत्र अधिसूचना में क्या कहा?
न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार की तरफ से जारी राजपत्र अधिसूचना में भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इन सभी इलाकों में जनसंख्या की जनगणना इस साल तक एक सितंबर से लेकर 30 सितंबर, 2026 तक कराई जाएगी. इसके बाद, उसके अगले महीने एक से पांच अक्टूबर तक पुनरीक्षण यानी रिवीजन प्रक्रिया को आयोजित किया जाएगा.
खुद से भी अपने नाम करा सकते हैं दर्ज
हालांकि, लद्दाख और जम्मू कश्मीर के साथ-साथ अन्य दोनों राज्यों में जनगणना के दूसरे चरण की शुरुआत अगले महीने 1 सितंबर से होने वाली है, लेकिन अधिसूचना में यह भी बताया गया है कि जनगणना के संचालन के लिए घर-घर जाकर जनसंख्या गणना शुरू होने से ठीक पहले 17 से 31 अगस्त, 2026 तक लोगों के पास खुद से अपना नाम जनगणना के लिए दर्ज कराने का ऑप्शन मौजूद रहेगा.
इसमें यह भी कहा गया कि लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से प्रभावित गैर-समान समय वाले इलाकों के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर, 2026 की रात 12 बजे होगी. वहीं, देश के बाकी हिस्सों के लिए जनसंख्या गणना का दूसरा चरण अगले साल शुरू होने की संभावना है.
देश की आजादी के बाद यह आठवीं जनगणना
देश के आजादी के बाद से अब तक यह आठवीं जनगणना है, जो कुल दो चरणों में संपन्न कराई जा रही है. इस दौरान यह पहली बार है जब जनगणना के जनसंख्या गणना प्रक्रिया के दौरान जाति से संबंधित जानकारियों को भी इकट्ठा किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय कैबिनेट ने देश में जनगणना की प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए कुल 11,718 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जो अब तक की सबसे बड़ी जनगणना प्रक्रिया होगी.
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