पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के धांधली से भरे हुए दिखावटी चुनावों में दो चरण की वोटिंग और नतीजे आने के बाद शहबाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) की सरकार बनना तय हो गया है. दो अगस्त को वोटिंग बहिष्कार के बीच 12 विवादित शरणार्थी सीटों के नतीजों का आज (3 अगस्त) पीओके के चुनाव आयोग ने ऐलान किया, जिसमें 10 सीटें पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज ने हासिल कीं और 2 सीटें बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी ) को मिली हैं.
इसी तरह कल (4 अगस्त) मुजफ्फराबाद डिवीजन की 9 सीटों पर मतदान होना था, लेकिन हिंसा, आगजनी, सड़कें बंद और विद्रोह ही वजह से सिर्फ 7 सीटों पर ही चुनाव बहिष्कार के बीच जैसे-तैसे सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान हुआ, जिसके बाद आज पीओके के चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए नतीजों के मुताबिक 4 सीट पीएमएल (एन) ने जीतीं और 3 सीट पीपीपी ने हासिल की.
बताते चलें 27 जुलाई को मीरपुर डिवीजन की 13 सीटों के परिणाम जब 29 जुलाई को आए थे तो 9 सीट पीएमएल (एन) के खाते में आई थीं और 4 सीट पीपीपी ने हासिल की थीं. ऐसे में दो चरणों के चुनाव में 32 में से 23 सीट शहबाज शरीफ की पीएमएल (एन) जीत चुकी है और पीपीपी को सिर्फ 9 सीट ही मिली हैं. ऐसे में कल 4 अगस्त को मुज़फ़्फराबाद की एक सीट के सभी मतदान केन्द्रों पर चुनाव, 1 सीट के 52 मतदान केन्द्रों और 10 अगस्त को पुंछ डिवीजन की 11 सीटों पर मतदान से पहले ही पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज 45 सदस्यीय विधानसभा में पूर्ण बहुमत के लिये जरूरी 23 सीट जीत चुकी है.
चुनाव में हुई जमकर धांधली
पीओके में इस बार चुनावों में जमकर धांधली हुई है, जहां पहले चरण में महज 31% मतदान हुआ था तो वोटिंग बढ़ाने के लिये कई बूथों पर फर्जी ठप्पे लगाये गए थे और वोटिंग प्रतिशत 46.3% कर दिया गया था, जिसकी कई तस्वीरें कोटली, मीरपुर से सामने आई थीं और बिलावल भुट्टो की पीपीपी, जिसके समर्थन से केंद्र में शहबाज शरीफ की सरकार चल रही है, उसने पीओके में वोटिंग में धांधली पर जमकर सवाल उठाए थे और खुद बिलावल भुट्टो ने कहा था पीएमएल (एन) हमेशा से पाकिस्तान में वोटिंग में धांधली करके ही जीती है.
कई मतदान केंद्रों पर नहीं पड़ा एक भी वोट
इसी तरह दूसरे चरण के चुनाव में वैसे तो महज 38% मतदान हुआ. कई केन्द्रों पर एक भी वोट नहीं पड़ा तो कुछ पर सिर्फ 5% से भी कम वोट पड़े, लेकिन फिर एक बार फर्जी ठप्पे लगाकर मतदान प्रतिशत 53% दिखाया गया. इस बार धांधली का आरोप खुद पाकिस्तानी सेना के प्रॉक्सी ग्रुप और सरकार द्वारा प्रायोजित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा ने लगाया, जिसने कल (2 अगस्त) पूरी रात धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किया.
असल में पीओके विधानसभा की 12 शरणार्थी सीटों में से एक सीट पंजाब प्रांत के नारोवाल मे पड़ती है, जिस पर आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा ने अपनी राजनैतिक पार्टी जम्मू कश्मीर यूनाइटेड मूवमेंट का एक आतंकी उम्मीदवार के तौर पर उतारा था. काउंटिंग के दौरान लश्कर ए तैयबा के सभी वैश्विक आतंकी तल्हा सईद, हमीद हसन गुज्जर, चौधरी मुहम्मद सरवर, मुजम्मिल हाशमी सड़क पर बैठकर धांधली का आरोप लगाकर प्रदर्शन करने लगे.
डीएसपी-वैश्विक आतंकी हामिद हसन भिड़े
हालात यहां तक पहुंच गए कि जब शकरगढ़ का डीएसपी सज्जाद अली काउंटिंग के बाद रिटर्निंग ऑफिसर को अपनी गाड़ी में बैठाकर निकालने सुरक्षित निकालने लगा तो लश्कर के आतंकी गाड़ी के सामने खड़े हो गए और वैश्विक आतंकी हामिद हसन की डीएसपी शकरगढ़ सज्जाद अली के साथ तीखी नोकझोंक हुई, जिसमें डीएसपी सज्जाद अली ने कहा, ‘अगर वो रिटर्निंग ऑफिसर को अपने साथ गाड़ी में नहीं बैठाते तो लश्कर ए तैयबा के आतंकी उसे मार देते.’
पाकिस्तान के आतंक के नेक्सस की खुली पोल
इस पर वैश्विक आतंकी हामिद हसन ने लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान के आतंक के नेक्सस की पोल खोलते हुए कहा कि हमारे 10 हजार से ज्यादा लोग कश्मीर में मारे गए हैं, हमारा अमीर (हाफिज सईद ) बंद है, लेकिन डीएसपी सज्जाद अली बार-बार दोहराते दिखे कि जो बात करनी है शकरगढ आ जाओ, तुम लोग तो मार दोगे रिटर्निंग ऑफिसर को. नारोवाल में पड़ने वाली शरणार्थी सीट पर लश्कर ए तैयबा का उम्मीदवार उस्मान अलीम 3 हजार वोट से पीएमएल(एन) के उम्मीदवार से चुनाव हारा है.
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